पानीपत। सेक्टर 38-39 स्थित टीडीआई इंफ्राकॉर्प एक बार फिर विवादों में आ गई है। अब कॉमर्शियल मार्केट पानीपत टाउन सेंटर में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और अवैध रूप से पानी की सप्लाई बंद किए जाने को लेकर दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा है। आरोप है कि बिना कुछ सूचना के पांच अक्तूबर को मार्केट का पानी बंद कर दिया गया। साथ ही चार मंजिला कॉमर्शियल मार्केट में लिफ्ट तक न होने की बात कही है। टीडीआई का एक मामला पहले से ही जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में चल रहा है।
एसोसिएशन के प्रधान तेजवीर सिंह, उपप्रधान राजेश खत्री, सचिव राजेश शर्मा और कैशियर ठाकुर दास वधवा के नेतृत्व में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार को उपायुक्त को शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने टीडीआई इंफ्राकॉर्प कंपनी के चेयरमैन, एमडी व रखरखाव अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई व आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि पांच अक्टूबर की दोपहर तीन बजे से कंपनी द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के मार्केट की जलापूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई है। इस चार मंजिला मार्केट की 230 दुकानों में लगभग 50-60 महिलाएं और 150 से 200 पुरुष रोजाना काम करते हैं। पानी बंद होने से व्यापारियों, कर्मचारियों और ग्राहकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि कंपनी ने दुकानदारों से बिजली फिटिंग के नाम पर 41,832 रुपये, वाटर फिटिंग के 5,900 रुपये और फायर फाइटिंग के नाम पर 5,900 रुपये तो वसूल लिए, लेकिन सुविधाएं देने में लगातार आनाकानी की जा रही है। इससे पहले 23 अगस्त 2023 को बिजली का बिल न भरने की वजह से बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया था, और अगस्त 2026 में भी कई दिनों तक अवैध तरीके से पानी की सप्लाई रोकी गई थी। इस मौके पर मुकेश वर्मा, रोशनलाल, विनोद कुमार, मंगल सिंह, जोगिंद्र शर्मा, जोगिंद्र कुहाड़, हन्नी बुद्धिराजा, अमन चौधरी व अंकुर मौजूद रहे।
बिना कंपलीशन सर्टिफिकेट बेचीं दुकानें, लिफ्ट तक नहीं लगाई
शिकायत में बताया कि 2.762 एकड़ भूमि पर बनी इस चार मंजिला मार्केट में कंपनी ने 2014 से दुकानें बेचना शुरू कर दिया था। इसमें आज तक जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) से कोई कंपलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं किया है। एग्रीमेंट के नियमों के उल्लंघन किया जा रहा है। व्यापारियों ने कहा कि चार मंजिला मार्केट होने के बावजूद यहां लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधा तक नहीं लगाई गई है। दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति सुचारू रूप से बहाल नहीं की गई और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ब्यूरो