पानीपत। कुराड़ गांव और आसपास की सात फैक्टरियों और ड्रेन नंबर-दो में छोड़ने के लिए टैंकरों में भरे गए केमिकल युक्त पानी के 20 नमूने फेल आए हैं। ये नमूने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने सीएम फ्लाइंग की टीम के साथ नवंबर 2025 में लिए थे। टीम ने टैंकर के 13 और सात फैक्टरियों से नमूने भरे थे। जांच में पानी का बीओडी 320 और सीओडी 420 मिला है, साथ ही टीएसएस 1362 तक मिला है। वहीं पानी में कई तेल और ग्रीस होना भी पाया गया है। एचएसपीसीबी ने नमूने के आधार पर सात औद्योगिक इकाइयों को बंद करने की सिफारिश की है, इसके लिए चेयरमैन को पत्र लिखा है। नमूनों की रिपोर्ट सामने आने के बाद फैक्टरी मालिकों की भी परेशानी बढ़ गई है।
सीएम फ्लाइंग और एचएसपीसीबी की टीम ने 20 नवंबर 2025 की आधी रात को जिले के कुराड़ गांव के क्षेत्र में कार्रवाई की थी। टीम ने यहां 13 टैंकर पकड़े थे। इनमें केमिकल युक्त पानी ड्रेन नंबर-दो में डाला जा रहा था। टीम ने 13 ट्रैक्टर और 12 चालक को पकड़ लिया था। एक चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग गया था। प्रथम दृष्टता में पाया था कि लोगों ने अपने ट्रैक्टर और टैंकर कुराड़, छाजपुर और जलालपुर के आसपास फैक्टरियों में लगा रखे हैं। ये रात के समय फैक्टरियों से बिना ट्रीट केमिकल एफ्लुएंट लाकर ड्रेन-2 में डाल देते हैं। ट्रैक्टर चालकों से पूछताछ के बाद संबंधित फैक्टरियों से नमूने भरे गए थे। सीएम फ्लाइंग ने सनौली थाना पुलिस में 13 ट्रैक्टर चालकों व सात फैक्टरी मालिकों सहित 27 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। के
नमूनों की रिपोर्ट हैरान करने वाली
एचएसपीसीबी द्वारा भेजे नमूनों की रिपोर्ट आ गई है। इनमें हैरान कर देने वाली रिपोर्ट मिली है। पानी की बदबू बहुत खराब थी और इसका रंग कॉपर जैसा मिला है। बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) 320 एमजी/एल और केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (सीओडी) 420 पाया गया। वहीं टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स (टीएसएस) 1362 एमजी/एल और तेल व ग्रीस 32 एमजी/एल पाया है। टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स (टीडीएस) 1114 एमजी/l, 25 डिग्री सेंटीग्रेड पर कंडक्टिविटी 1870 एमजी/एल मिला है। अमोनिया-नाइट्रोजन 17.48एजी/एल मिला है। सल्फाइड 20.4 एमजी/एल और सोडियम एब्जॉर्प्शन रेश्यो 20.97 एमजी/ मिला है। अंतरराष्ट्रीय मानक अनुसार शोधित पानी में सीओडी 125 एमजी/एल होना चाहिए। नमूनों में दोगुने से भी अधिक मिला है।
कुराड़ व आसपास की सात फैक्टरियों के नमूने फेल आए हैं, इनमें बीओडी और सीओडी के साथ टीएसएस व टीडीएस सामान्य से अधिक मिला है। इन फैक्टरियों को बंद करने की सिफारिश की गई है।
- भूपेंद्र चहल, क्षेत्रीय अधिकारी, एचएसपीसीबी।