संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिले के नौल्था गांव के खिलाड़ी अक्षय अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर कबड्डी के मैदान में जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उभरती प्रतिभा के रूप में पहचान बना रहे अक्षय जिला और राज्य स्तर पर कई पदक अपने नाम कर चुके हैं। इन उपलब्धियों के पीछे वर्षों की मेहनत और लगातार अभ्यास का बड़ा योगदान रहा है। वह कबड्डी में बड़ी पहचान बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
अक्षय ने जनवरी में आंध्र प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया। इसके अलावा वह जिला स्तर पर तीन स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुके हैं। राज्य स्तर पर भी उन्होंने एक कांस्य पदक हासिल किया है।
अक्षय के पिता सुशील गांव में सैलून चलाते हैं, जबकि उनकी मां मूर्ति देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा अक्षय के सपनों को पूरा करने में सहयोग दिया। माता-पिता उनकी उपलब्धियों से बेहद खुश हैं और आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं।
अक्षय ने बताया कि उनका सपना कबड्डी में अपने गांव, जिले और देश का नाम रोशन करना है। बचपन से ही उन्हें कबड्डी खेलने का शौक रहा है। उनका कहना है कि किसी भी खेल में सफलता पाने के लिए निरंतर अभ्यास, धैर्य और समर्पण बेहद जरूरी होता है।
वर्तमान में अक्षय एसडी पीजी कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रहे हैं और पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी पूरी गंभीरता से समय दे रहे हैं। पिछले छह वर्षों से वह नौल्था गांव में कोच वीरेंद्र के मार्गदर्शन में कबड्डी के गुर सीख रहे हैं।
कोच वीरेंद्र ने बताया कि अक्षय मेहनती खिलाड़ी हैं और अपनी अलग पहचान बनाने के लिए लगातार कठिन अभ्यास कर रहे हैं।