पानीपत। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के जज्बे से खेलों की शुरूआत करने वाला अजय बैनीवाल अब एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहलवान है। अजय राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुका है। हाल ही में पंजाब में हुई ऑल इंडिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत अजय ने देश-प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। अजय पिछले 13 साल से कुश्ती का दावं-पेंच रोहतक की जाट मेहर सिंह एकेडमी से सीख रहा है।
कवी गांव निवासी अजय ने बताया कि उसके पिता सुभाष बैनीवाल एक किसान हैं और उसकी माता सुनीता गृहिणी है। बचपन से खेलों में रुचि होने के कारण अजय ने कुश्ती में भाग्य आजमाया। कुश्ती में पकड़ अच्छी होने के कारण उसके पिता ने उसे स्कूली शिक्षा और कुश्ती सीखने के लिए रोहतक भेज दिया। रोहतक की जाट मेहर सिंह एकेडमी में वह पिछले 13 साल से लगातार कुश्ती का अभ्यास कर रहा है। कुश्ती के दाव-पेंच सीखने के बाद उसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया। अजय के पिता सुभाष बैनीवाल ने बताया कि 2018 में पूणे में और 2019 में कोल्हापुर में हुई स्कूली खेल प्रतियोगिता में अजय ने कांस्य पदक जीता और प्रदेश का नाम रोशन किया। उसके बाद तो अजय ने पदकों की झड़ी लगा दी। 2023 में वाराणसी में हुई खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी में भी कांस्य पदक जीता और 2024 में हुई सीनियर एशिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। हाल ही में पंजाब में हुई ऑल इंडिया चैंपियनशिप में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी टीम की तरफ से हिस्सा लिया और स्वर्ण पदक जीत प्रदेश का नाम रोशन किया। अजय ने बताया कि वह नियमित रूप से कुश्ती का अभ्यास कर रहा है। उसका लक्ष्य 2028 में होने वाले ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है और देश का मान बढ़ाना है।