संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। दिवाली के बाद वायु प्रदूषण बढ़ने से जिला नागरिक अस्पताल में अस्थमा और सीओपीडी ( क्रानिक ऑबस्ट्रेक्टिव पल्मोनरी डिजीज ) के मरीज बढ़ने लगे हैं। अस्पताल में फिजियोथेरेपी से भी अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों का इलाज किया जा है। जहां पहले एक महीने में सीओपीडी के पांच मरीज मुश्किल से आते थे वहीं दिवाली के बाद अब तक अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट के पास अस्थमा और सीओपीडी के लगभग 15 मरीज पहुंच चुके हैं। फिजियोथेरेपिस्ट व्यायाम और एक्सरसाइज करवाकर उनका इलाज कर रही है और उन्हें सांस लेने में मदद कर रही है।
जिला नागरिक अस्पताल में फिजिशियन और फिजियोथेरेपिस्ट के पास अस्थमा और सीओपीडी के मरीज बढ़ने लगे हैं। फिजिशियन डॉ. जैसमीन कौर ने बताया कि ओपीडी में आने वाले हर 10 मरीजों में से दो मरीज अस्थमा व सीओपीडी के आ रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्थमा और सीओपीडी का इलाज दवा से पहले फिजियोथेरेपी से करवाना चाहिए। लोग यदि प्रतिदिन लगभग आधा घंटा भी व्यायाम और एक्सरसाइज करें तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि अस्पताल में छाती की फिजियोथेरेपी के मरीज बढ़ने लगे हैं। अस्थमा और सीओपीडी का इलाज फिजियोथेरेपी से भी संभव है। अस्पताल में मरीजों को एक्सरसाइज और व्यायाम करके बताया जाता है और उनसे करवाया जाता है ताकि वे घर पर अच्छे से इसे कर सके।
अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों के करनी चाहिए तीन प्रकार की एक्सरसाइज-
डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों को तीन प्रकार की एक्सरसाइज अवश्य करनी चाहिए। मुंह से बार-बार गुब्बारे फुलाना, छोटे बच्चों की तरह पानी के बुलबुले फुलाकर छोड़ना और सांस अंदर खींचकर मुंह से सीटी की आवाज में बाहर निकालना। इन तीनों एक्सरसाइज से अंदर से जोर लगाकर सांस बाहर छोड़ना पड़ता है जिससे हमारी छाती में जमा बलगम बाहर निकलता है और हम अच्छे से सांस ले पाते हैं।
अस्पताल में अस्थमा और सीओपीडी के मरीज बढ़ गए हैं। फिजियोथेरेपी से भी इनका इलाज किया जा रहा है और व्यायाम और एक्सरसाइज करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर दवा भी दी जा रही है।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ पानीपत।