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पेंशन के लिए भटक रहे एडेड स्कूलों से रिटायर कर्मी

Thu, 04 Jun 2015 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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जिले के एडेड स्कूलों से सेवानिवृत्त शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग के कर्मियों को तीन माह से पेंशन नहीं मिल पा रही है। वे जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लगातार चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी व कर्मी एक-दूसरे का नाम लेकर उनकी पेंशन को रोके बैठे हैं। ऐसे में सेवानिवृत्त कर्मियों के सामने उम्र के आखिरी पड़ाव में इलाज कराने व खर्च चलाने तक की दिक्कत सामने आ खड़ी हो गई है। शिक्षा अधिकारी नियमानुसार काम करने का आश्वासन देकर सबकुछ टाल रहे हैं।
मालूम हो कि जिले में करीब सात एडेड स्कूल हैं और इनके 40 के करीब सेवानिवृत्त शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग के कर्मी हैं। शिक्षा विभाग द्वारा हर माह पेंशन जारी करनी होती है, लेकिन इस बार सेवानिवृत्त कर्मियों  को तीन माह से पेंशन के लाभ नहीं मिल सके हैं।
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बुढ़ापे में पेंशन बिना दवा तक नहीं ले पाते
आर्य सीसे स्कूल से सेवानिवृत्त जेबीटी विजय कुमार वीरवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचे। उनकी सांसें फूली हुई थीं और कार्यालय में बाबुओं के चक्कर काट रहे थे। कर्मी उसकी समस्या का समाधान करने के बजाय एक-दूसरे पर बात को टाल रहे थे। विजय कुमार ने बताया कि पेंशन ही उनका सहारा है और उनको तीन माह से पेंशन नहीं मिली है। दवा लेने तक के पैसे नहीं हैं।
एरियर को लेकर भी नहीं कोई सुनवाई
जिले के एडेड स्कूलों से सेवानिवृत्त शिक्षक व गैर शिक्षकों की एरियर को लेकर भी कोई सुनने वाला नहीं है। एक शिक्षक ने बताया कि उनको 2006 से ग्रेड दिया जाना है और शिक्षा विभाग द्वारा 2011 से एरियर देने की बात कही गई थी। एक शिक्षक का पौने दो से दो लाख रुपये तक का एरियर बनता है, लेकिन किसी भी कर्मी को एरियर का लाभ नहीं मिल सका है।
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वर्जन
मेरे पास किसी तरह का मामला पेंडिंग नहीं रहता। एडेड स्कूलों से सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन भी जारी कर दी जाती है। अगर कोई ऐसा मामला है तो समस्या का समाधान किया जाएगा। सबकी पेंशन समय पर जारी करवा दी जाएगी।
संतोष ग्रोवर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत
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