पानीपत। गीता यूनिवर्सिटी और स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट के साथ को पंचकूला में अनुबंध हुआ है। इसका उद्देश्य 2047 तक प्रदेश की एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था को हासिल करने में स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट के साथ मिलकर सरकार का सहयोग करना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में गीता यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डाॅ. मनोज मनुजा व एसजेएचआईएफएम के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू से जीयू के छात्रों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में कार्य करने के अवसर मिलेंगे। इस अनुबंध पर जीयू के चांसलर एसपी बंसल ने वाइस चांसलर सहित स्टाफ सदस्यों व छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं।
जीयू के वाइस चांसलर डाॅ. मनोज मनुजा ने बताया की यह एमओयू प्रदेश सरकार की विकास प्राथमिकताओं को शैक्षणिक विशेषज्ञ से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत क्षमता निर्माण, अनुसंधान एवं मूल्यांकन, छात्र इंटर्नशिप, नीति समर्थन, पायलट प्रोजेक्ट्स और क्षेत्रीय जुड़ाव जैसे कई क्षेत्रों में सरकार के साथ मिलकर संयुक्त गतिविधियां व कार्यक्रम चलाए जाएंगे। अनुबंध का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा प्रदेश को 2047 तक एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था तक ले जाने में सहयोग करना है।
इसके लिए स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट समय- समय ट्रेनिंग व जागरूकता कार्यक्रम चला कर छात्रों व रिसर्च स्कॉलरों को तैयार करेगा। डाॅ. मनुजा ने बताया कि यह पार्टनरशिप गवर्नेंस और डेवलपमेंट के लिए एकेडमिक एक्सीलेंस को प्रैक्टिकल में बदलने के गीता यूनिवर्सिटी के संकल्प को मजबूती देगी। जीयू के रिसर्च, ट्रेनिंग और स्टूडेंट इंगेजमेंट प्रोग्राम बना कर प्रदेश की मजबूत अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।