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वक्फ बोर्ड के नए बिल के विरोध में एसोसिएशन व पार्षद लामबंद

Sun, 06 Dec 2015 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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शहर के उद्यमी व व्यापारी वक्फ बोर्ड के नए बिल के विरोध में लामबंद हो गए हैं। उन्होंने नए बिल के विरोध को प्रदेशस्तर पर ले जाने का आह्वान किया है।
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इसमें शहरवासियों को भी शामिल किया जाएगा। शहरवासियों ने साफ शब्दों में कहा कि वक्फ बोर्ड का नया बिल न केवल भाईचारे पर हमला होगा, बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ाने वाला होगा।

यहीं नहीं निगम के आधे पार्षदों ने भी इनका समर्थन किया है और बिल का पूरजोर विरोध करने को लेकर एकजुट होने का दावा किया है।

शहर के उक्ष्मी व व्यापारी शनिवार को गीता कॉलोनी स्थित गीता मंदिर धर्मशाला में बैठक की। रेलवे रोड के पूर्व प्रधान अनिल मदान ने बैठक का संचालन किया।

बैठक में वक्फ बोर्ड के नए बिल को रखा और इस पर विस्तार के साथ चर्चा की। बैठक में शामिल सभी यूनियनों व एसोसिएशन के प्रधानों ने बिल को गलत बताया और इसका खुलकर विरोध करने का फैसला लिया।
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शहरवासियों ने कहा कि नए बिल से न केवल घर बल्कि दुकान व औद्योगिक प्रतिष्ठान भी उजड़ जाएंगे। लोग एक दूसरे के मकानों व दुकानों पर कब्जा करने का प्रयास करेंगे।

इस मौके पर नरेंद्र मोदी आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव आहूजा, पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह, भाजपा के जिला महामंत्री डॉ. सुरेंद्र टुटेजा, पार्षद अशोक नारंग, राजकुमार पाहवा, सुनील वर्मा, हरीश शर्मा, बलजीत सिंह, राकेश चुघ,  गौरव लीखा, नरेंद्र बरेजा मौजूद रहे।

शहरवासी बोले करेंगे इसका पूरा विरोध
शहरवासियों ने बैठक में वक्फ बोर्ड के नए बिल का पूरा विरोध करने का फैसला लिया। अनिल मदान ने कहा कि वे एमपी व एमएलए के सामने अपनी बात रखेंगे और हर बाजार की एसोसिएशन के अलावा शहरवासियों को साथ लेकर चलेंगे।

वे नए बिल को किसी भी सूरत में लागू नहीं होने देंगे। व्यापारी, दुकानदार व शहरवासी कई-कई वर्षों से बैठे हुए हैं। नरेंद्र बरेजा ने कहा कि राज्यसभा व लोकसभा में वक्फ बोर्ड का नया बिल बिना किसी बहस के पास कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वे शहरवासियों के साथ हैं और इसका पूरा विरोध करेंगे।

पार्षदों ने कहा बिल के विरोध में एक
वक्फ बोर्ड के नए बिल के विरोध में हुई बैठक में आधे पार्षद पहुंचे और शहरवासियों के लिए एकजुट होने का फैसला लिया। डिप्टी मेयर सीमा पाहवा के पति राजकुमार पाहवा ने कहा कि वकफ बोर्ड की जमीन पर मकान व दुकान बनी हुई हैं।

नया बिल मालिकाना हक छिनने वाला है। इससे दिक्कत बढ़ेगी। वे शहरवासियों के साथ हैं। सब पार्षद इसको लेकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे। पार्षद पति बलजीत सिंह ने कहा कि सरकार के नए बिल का विरोध करते हैं और उनको इसके लिए गोली भी खानी पड़ी तो पीछे नहीं रहेंगे।

वे सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। पार्षद अशोक नारंग ने कहा कि आधे से ज्यादा शहर वक्फ बोर्ड की जमीन में है। सभी पार्षद इसके विरोध में एकजुट हैं और शहरवासियों का पूरा साथ देंगे।

एक दुकान या बाजार नहीं पूरी की पूरी कॉलोनी भी शामिल
पानीपत में वक्फ बोर्ड की आधे से अधिक जमीन है। या ये कहें कि आधे से अधिक शहर वक्फ बोर्ड की जमीन पर बसा हुआ है।

यहां पर कोई एक दुकान या मकान नहीं बल्कि पूरे के बाजार व कॉलोनी वक्फ बोर्ड की जमीन पर बसी हुई हैं। इनमें इंसार बाजार का बड़ा हिस्सा, राजीव कॉलोनी, ईदगाह कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, मॉडल टाउन का कुछ हिस्सा, माई जी कॉलोनी, खटीक बस्ती समेत कई कॉलोनियों आती हैं।

लोगों के बीच आज से होगी शुरुआत
शहर के उद्यमी व व्यापारी वक्फ बोर्ड के बिल के विरोध में एकजुट हैं और वे शहरवासियों को साथ लेकर इसको आंदोलन छेड़ेंगे। इसकी शुरुआत रविवार से शुरू की जाएगी। रविवार को इदगाह कॉलोनी में सभी लोग एकजुट होंगे। यहां पर स्थानीय निवासियों को भी वक्फ बोर्ड के नए बिल की जानकारी दी जाएगी। उनको आगे आने का आह्वान किया जाएगा।

यह कहता है नया बिल
वक्फ बोर्ड का नया बिल लाया गया है। जिसको राज्यसभा व लोकसभा में मंजूर कर दिया गया। इस बिल के अनुसार कोई भी व्यक्ति पहले वाले व्यक्ति से ज्यादा पैसे लगाकर उसका मालिकाना हक ले सकता है। रिहायशी क्षेत्र में कलेक्टर रेट पर दो प्रतिशत व व्यवसायिक क्षेत्र में ढाई प्रतिशत का रेट तय किया गया है।


वक्फ बोर्ड का नया बिल मकान मालिक ही नहीं दुकानदारों के लिए भी खतरा है। वे इसका पूरजोर विरोध करते हैं और इस बिल को वापस लेने की मांग करते हैं। शहर की एसोसिएशन ने शहरवासियों को साथ लेकर संघर्ष करेंगी।
अनिल मदान, दुकानदार रेलवे रोड।

वक्फ बोर्ड का नया बिल गलत है और इस बिल के बाद कब्जा करने के मामले बढ़ जाएंगे। वे शहरवासियों के साथ हैं और पानीपत से शुरू लड़ाई को पूरे प्रदेश में ले जाया जाएगा।
गौरव लीखा, प्रधान इंसार बाजार लालबत्ती चौक।

वक्फ बोर्ड के नए बिल के अनुसार कोई भी व्यक्ति पहले वाले से ज्यादा बोली लगाकार रिहायशी व व्यवसायिक प्रतिष्ठान ले सकेगा। इससे पहले बैठे व्यक्ति को सीधा नुकसान होगा। यहीं नहीं इस बिल के बाद वक्फ बोर्ड में भी भ्रष्टाचार बढेगा। लोग किराया बढ़ाकर एक दूसरे की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करेंगे।
मुनीष सढ़ाना मुरली, प्रधान मैन बाजार पानीपत।

वक्फ बोर्ड के नए बिल से शहरवासियों के बीच मेल मिलाप तक खत्म हो जाएगा। इस बिल को वापस लिया जाना चाहिए। वे इसका विरोध करते हैं और शहरवासियों के साथ खड़े हैं।
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राकेश चुघ, उद्यमी।

वक्फ बोर्ड के नए बिल के विरोध में सभी पार्षद एकजुट हैं और वे इसका विरोध करते हैं। वे इस बिल के विरोध में सरकार के साथ भी टकराने को तैयार हैं, लेकिन बिल को शहर में लागू नहीं होने देंगे।
बलजीत सिंह, पार्षद पति वार्ड-20।
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