पानीपत के काकौदा गांव में सफाईकर्मी के बकाया वेतन विवाद पर सिविल जज हिमानी गिल की अदालत ने बीडीपीओ की गाड़ी कुर्क करने के आदेश दिए। विभाग ने बाद में सफाईकर्मी को भुगतान कर दिया। अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है।
पानीपत। काकौदा गांव में नौकरी से हटाई सफाईकर्मी के भुगतान के लिए सिविल जज जूनियर डिवीजन हिमानी गिल की अदालत में चल रहे मामले में वीरवार को सुनवाई की। अदालत ने पहले बीडीपीओ की गाड़ी कुर्क करने के आदेश दिए थे। साथ ही अदालत में पेश होने को कहा था। विभाग ने शिकायतकर्ता को चेक दिया। अदालत में भी इसकी जानकारी दी गई। अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
इसराना क्षेत्र के काकौदा गांव में सफाईकर्मी सरस्वती ने सिविल जज जूनियर डिवीजन हिमानी गिल की अदालत में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि वह जनवरी 2007 में सफाईकर्मी के पद पर भर्ती हुई थी। उन्होंने दो फरवरी 2015 तक काम किया लेकिन उन्हें वेतन नहीं दिया गया। इस मामले में अदालत ने बीडीपीओ इसराना की गाड़ी कुर्क करने के आदेश दिए थे। इस मामले में पहले 18 सितंबर को सुनवाई की। इसमें बीडीपीओ को 25 सितंबर को पेश होने के आदेश दिए थे। ग्राम पंचायत सरपंच अशोक ने बताया कि सरस्वती को उनके भुगतान का चेक दे दिया है। वीरवार को अदालत में पेश होकर इसकी जानकारी अदालत में भी दी गई है। डीडीपीओ राजेश कुमार ने बताया कि आज अदालत में सुनवाई थी। अभी अदालत के आदेश उनके पास नहीं आए हैं।