12वीं की परीक्षा में लगभग 99.5 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए हैं। अब विद्यार्थी अपने करियर को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में जाने की कवायद में जुट गए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों की मानें तो 70-75 प्रतिशत विद्यार्थी कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं, जबकि 20 से 25 प्रतिशत विद्यार्थियों का मेडिकल, इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का प्रयास रहता है। कुछ विद्यार्थी ऐसे भी हैं, जो विदेश में पढ़ना चाहते हैं।
जिस गति से वर्ष-दर-वर्ष 12वीं पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। उस हिसाब से वर्ष 2030 तक 65 प्रतिशत युवा नौकरी करने वाली उम्र में होंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि कौशल विकास की शुरुआत स्कूलों से करनी होगी। देश में 90 प्रतिशत नौकरियां ऐसी हैं, जिनके लिए विशेष हुनर की जरूरत है। ऐसे में नई टेक्नोलॉजी की जानकारियां जुटाना और उनमें विशेषज्ञता हासिल करना युवाओं के लिए बहुत जरूरी है।
विद्यार्थियों के पास करियर के कई विकल्प : वर्मा
विशेषज्ञों के मुताबिक करियर बनाने के लिए विद्यार्थियों के पास कई विकल्प हैं। तकनीकी क्षेत्र में आईआईटी और सेना में जाने के लिए एनडीए को चुन सकते हैं। कला, विज्ञान या वाणिज्य संकाय के विषयों के विद्यार्थियों के लिए भी वर्तमान में कई विकल्प हैं।
- प्रो. हरि सिंह वर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर।
गुणवत्ता वाली शिक्षा देने वाले संस्थान कम : शर्मा
इस साल की क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग के मुताबिक दुनिया की टॉप 200 विश्वविद्यालय में भारत के सिर्फ 3 शिक्षा संस्थान शामिल हैं। इनमें आईआईटी मुंबई 172वें नंबर पर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर 185वें नंबर पर और आईआईटी दिल्ली 193वें नंबर पर है। दूसरे शब्दों में, विद्यार्थी ज्यादा संख्या में पास हो रहे हैं जबकि गुणवत्ता वाली शिक्षा देने वाले संस्थानों की संख्या उसके मुकाबले कम है।
- प्रो. बीबी शर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, हिंदी विभाग।
पास होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी, सीटें सीमित : मलिक
इस बार भी सीबीएसई परीक्षा में लगभग 99.5 प्रतिशत तथा हरियाणा बोर्ड में 100 प्रतिशत विद्यार्थी पास हो गए हैं। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है, क्योंकि पिछले साल सीबीएसई में पास होने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब 90 प्रतिशत थी जबकि वर्ष 2019 में 83 प्रतिशत विद्यार्थी ही पास हुए थे। ऐसे में मनपसंद कॉलेज या कोर्स में दाखिला मुश्किल हो सकता है।
- एडवोकेट जसविंदर मलिक, अभिभावक।
स्किल को बेहतर करने पर देना होगा ध्यान: तकदीर
कॉलेजों व विभिन्न संस्थानों में दाखिला लेने के साथ-साथ विद्यार्थियों को अपने कौशल को बेहतर करने पर ध्यान देना होगा। आने वाले समय में भारत में टेक्नोलॉजी आधारित जिन 5 क्षेत्रों में नौकरियों की सबसे ज्यादा संभावनाएं होंगी। ब्लॉक चेन डेवलपर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट, जावा स्क्रिप्ट डेवलपर, रोबोटिक्स कंसल्टेंट्स और बैक-एंड डेवलपर को चुना जा सकता है।
- तकदीर सिंह, सहायक प्रोफेसर, मनोविज्ञान, डाइट।
विदेश में शिक्षा प्राप्त करने का लक्ष्य : दिव्या
परिणाम में अपेक्षा से 10 प्रतिशत अंक कम आए जिसका उसे मलाल है। वह विदेश में जाकर उच्च शिक्षा हासिल करना और वहीं पर करियर बनाना चाहती है। आइलाइट्स की कोचिंग भी लेनी शुरू कर दी है।
- दिव्या रानी, छात्रा, न्यू ईरा पब्लिक स्कूल।
अच्छा आर्टिस्ट बनना चाहता हूं : हेमंत सचदेवा
वह आगे चलकर आर्टिस्ट बनना चाहते हैं। परीक्षा को ध्यान में रखते हुए रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई करते हैं, लेकिन इस बार उनकी परीक्षा नहीं हो पाई थी। पेंटिंग विषय में 100 में 100 अंक प्राप्त किए हैं।
- हेमंत सचदेवा, छात्र, आर्य बाल भारती स्कूल।
आईएएस बनकर पिता का सपना करना चाहती हूं पूरा : काव्या गोयल
आईएएस बनकर पिता का सपना पूरा करना चाहती हूं। पिता का सपना है कि उनकी बेटी आईएएस बनकर देश की सेवा करे। जिसके लिए वह अब अपनी बेटी को दिल्ली यूनिवर्सिटी पढ़ने के लिए भेजना चाहते हैं।
- काव्या गोयल, छात्रा, दयाल सिंह पब्लिक स्कूल।
मन के हिसाब से करती हूं हमेशा पढ़ाई : गीताक्षी
जिले में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। कभी समय देखकर या समय सारणी बनाकर पढ़ाई नहीं की। मन के हिसाब से पढ़ने बैठ जाती थी। इस बार भी परीक्षा की पूरी तैयारी थी, लेकिन परीक्षा रद्द हो गई।
- गीताक्षी, छात्रा, डीएवी स्कूल हुडा।
फाइनेंशियल मैनेजर के लिए अब करूंगी तैयारी : स्नेहा
जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। अब आगे चलकर फाइनेंशियल मैनेजर बनना चाहती हूं। फाइनेंस के विषय में उनका रुझान है। अब समय आ गया है कि जो अच्छा लगता है, उसे प्रोफेशन के तौर पर अपनाया जाए।
- स्नेहा, छात्रा, एसडीवीएम।