जिले के गांव बिजावा में बुधवार को एक सजायाप्ता कैदी ने देसी कट्टे से अपनी पत्नी की गोली मार हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली।
रविंद्र उर्फ बिंद्र हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहा था और चार दिन पहले ही पैरोल पर जेल से बाहर आया था। दंपति के शव बंद कमरे में बेड पर पड़े मिले हैं।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को सिविल अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
गौरतलब है कि रविंद्र हरियाणा पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर रह चुका है। इसके अलावा वह हलका बरौदा से इनेलो के पूर्व विधायक रामफल चिड़ाना का गनमेेन भी रह चुका है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को इसराना थाना के क्षेत्र के गांव बिजावा में उस समय सनसनी फैल गई जब पैरोल पर आए कैदी रविंद्र ने अपनी पत्नी शीला की गोली मार कर हत्या कर दी और बाद में खुदकुशी कर ली।
रविंद्र ने देसी कट्टे से अपनी पत्नी को छाती और गर्दन पर दो गोलियां दागीं और खुद को कनपटी पर एक गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब उनसे मिलने के लिए एक व्यक्ति उनके घर पर आया।
कमरे का दरवाजा बंद होने पर उसने उन्हें आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। जिसके बाद व्यक्ति ने कमरे के अंदर झांककर देखा तो दोनों बिस्तर पर पड़े हुए थे और खून बह रहा था। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन और पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे।
सूचना मिलने पर इसराना पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और मौके का मुआयना किया।
जेल में रहते ही की थी शादी
रविंद्र सोनीपत जेल में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। इस दौरान उसने गंाव खानपुर की शीला उर्फ रानी से जेल में रहते ही शादी कर ली थी। बताया जाता है कि रविंद्र उर्फ बिंद्र 15 नवंबर को पैरोल पर 42 दिन की छुट्टी आया था। वह अपनी पत्नी शीला को कल शाम को ही खानपुर अपनी ससुराल से लेकर आया था।
इनेलोे कार्यकर्ता की हत्या की थी
रविंद्र के अपराधी बनने की कहानी 25 जनवरी 2006 की है। वह इसराना के हलका अध्यक्ष हेमराज जागलान और इनेलोे के एक कार्यकर्ता नरेंद्र के साथ इसराना से गांव चिड़ाना के लिए जा रहे थे। गांव जवाहरा के पास रविंद्र ने अपनी सर्विस रिवाल्वर से नरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
घटना में हेमराज घायल हो गया था। रविंद्र को अदालत ने नवंबर 2008 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पूर्व सरपंच अमीर सिंह कुंडू ने बताया कि उसका भतीजा रविंद्र 15 नवंबर को पैरोल पर आया था। दोनों की मौत के बाद पूरा परिवार हिल गया है।