फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

Tue, 19 Nov 2013 04:46 PM IST
पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत सहकारी चीनी मिल में स्थाई नियुक्ति के लिए मिल के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे दो अनशनकारियों की सोमवार को तबीयत बिगड़ गई।
विज्ञापन


 दोनों को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। दरअसल 16 नवंबर से शुगर मिल के बाहर स्थायी नियुक्ति की मांग पर शूगर मिल के कुछ कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वहीं शुगर मिल प्रबंधन ने दोनों कर्मियों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी पर अनभिज्ञता जताई है।

जिससे दैनिक वेतन भोगी कर्मियों में रोष है। शुगर मिल के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे छह कर्मियों में से प्रधान भीम सिंह और सुभाष की सोमवार सुबह तबीयत खराब हो गई। अनशन के तीसरे दिन शामड़ी निवासी भीम सिंह बेहोश हो गया और गांव मनाना निवासी सुभाष के पेट में दर्द शुरू हो गया।
विज्ञापन


इस दौरान दैनिक वेतन भोगियों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और दोनों को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। जहां पर दोनों को इलाज चल रहा है। प्रधान भीम सिंह को सांस लेने में दिक्कत आ रही है, जबकि सुभाष की हालत में कुछ सुधार हुुआ है, लेकिन डाक्टर उसे अब भी गंभीर मान रहे हैं।

उपप्रधान रमेश कुमार और सचिव शमशेर सिंह ने बताया कि भूख हड़ताल पर बैठे कर्मियों की स्वास्थ्य जांच नहीं की गई है। यदि मिल प्रबंधन और जिला प्रशासन इस तरफ पहले ध्यान देता तो आज यह नौबत नहीं आती। कर्मियों का अब हौसला बढ़ गया है और वे संघर्ष तेज करने को तैयार हैं।

ये है मामला
शुगर मिल के दैनिक वेतन भोगी कर्मियों ने 31 अक्तूबर को शुगर मिल के बाहर धरना शुरू किया था और पांच नवंबर को क्रमिकों ने अनशन शुरू किया था।

वे मांगों के लिए कई बार शुगर मिल प्रबंधन से मिले चुके हैं। प्रशासनिक और मिल प्रबंधन की अनदेखी से तंग आकर कर्मियों ने 16 नवंबर को भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। प्रधान भीम सिंह समेत छह कर्मी भूख हड़ताल पर बैठ हैं।

ये हैं मांगें
दैनिक वेतन भोगी कर्मी लगातार स्थायी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे 30 साल से शुगर मिल में काम कर रहे हैं। एमडी फेडरेशन ने पानीपत शुगर मिल के 104 कर्मियों को पक्का करने के आदेश दिए थे, लेकिन मिल प्रबंधन ने उन आदेशों को लागू नहीं किया। जिससे कर्मियों में रोष है।
विज्ञापन


प्रशासन ने नहीं किया हस्तक्षेप
दैनिक वेतन भागी कर्मियों में से दो की तबीयत खराब होने में मिल प्रबंधन और प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया। कर्मी 31 अक्तूबर से अनशन और 16 नवंबर से भूख हड़ताल पर हैं।

लेकिन प्रशासन ने उससे किसी भी कर्मी के स्वास्थ्य की जांच नहीं की। प्रशासन की अनदेखी अब हड़ताल पर बैठे कर्मचारी पर भारी पड़ रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें