बापौली। यमुना में बाढ़ से निपटने के लिए किए गए प्रबंधों का मंगलवार को उपायुक्त सुशील सारवान ने तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर जायजा लिया। इस दौरान जिले की लगभग 26 किमी यमुना सीमा क्षेत्र में आने वाले घाटों की समय-समय पर सफाई और जांच से संबंधित निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि किसी घाट या अन्य किसी भूजल कटाव वाले स्थान पर कहीं भी मिट्टी का कटाव दिखाई देता है तो वहां तुरंत स्टड का निर्माण करवाया जाए।
डीसी ने कहा कि यमुना के बहाव से छेड़खानी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बापौली खंड के संजौली यमुना घाट और सनौली खंड के पत्थरगढ़ समेत अन्य यमुना तटीय बांधों पर निरीक्षण किया। यमुना के बहाव और कटाव के मद्देनजर नई ठोकरों के निर्माण और पुरानी ठोकरों की मरम्मत की भी जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए नजदीकी गांव के लोगों से भी बातचीत की क्योंकि जो लोग बाढ़ प्रभावी क्षेत्रों में खेतीबाड़ी का काम करते हैं, उन्हें बाढ़ आने पर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इस दौरान ग्रामीणों ने भी उपायुक्त को वहां की स्थिति के बारे में अवगत करवाया और बाढ़ प्रबंधन पर सुझाव दिए। डीसी ने यमुना नदी से सटे गांवों के निवासियों से भी आह्वान किया कि वे तटीय क्षेत्र में अवैध खनन या भूमि कटाव जैसा कोई भी कार्य न करें ताकि बारिश के समय में या यमुना का जल स्तर बढ़ने पर बाढ़ का सामना न करना पड़े।
इस मौके पर एसडीएम बिजेंद्र ढुल, एसडीएम समालखा अश्वनी मलिक, अतिरिक्त सीईओ जिला परिषद और सनौली ब्लॉक बीडीपीओ रविंद्र मलिक, डीआरओ चंद्र मोहन, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता विरेंद्र रावत और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनित कादियान सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।