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Panipat News: जलभराव से निपटने के लिए बनेगा एक्शन प्लान

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पानीपत। बारिश के मौसम में जीटी रोड पर जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम, जनस्वास्थ्य विभाग और एलएंडटी एक्शन प्लान बनाएगी। इसमें तीनों अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले अवरोधों को दूर करेंगे। इसमें बड़ी भूमिका नगर निगम और फिर एलएंडटी की होगी। नगर निगम ड्रेन नंबर-वन की सफाई के साथ खादी आश्रम, एसडी कॉलेज रोड और संजय चौक पर जलभराव की स्थिति से निपटेगा। इसके साथ जन स्वास्थ्य विभाग संजय चौक पर एक नाले की लाइन को दूसरी तरफ की लाइन के साथ जोड़ेगा। जनस्वास्थ्य विभाग इसमें सहयोग करेगा। एलएंडटी जीटी रोड पर शहर के हिस्से में नाले की पूरी सफाई करने के साथ स्लैब की मरम्मत कराएगी।
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डीसी वीरेंद्र कुमार रविवार को अधिकारियों की टीम को साथ लेकर जीटी रोड पर उतरे। उन्होंने ड्रेन नंबर-वन, गुरुद्वारा पहली पातशाही, एसडी कॉलेज, संजय चौक और खादी आश्रम के बाहर जलभराव के प्वाइंटों का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां सुबह आठ से नौ बजे तक करीब एक घंटे अधिकारियों के साथ चर्चा की
इन बिंदुओं पर यह काम होगा -
ड्रेन नंबर का टेंडर जल्द खोलेगा निगम
डीसी ने निगम एक्सईएन राहुल पुनिया से ड्रेन नंबर-वन की सफाई को लेकर बात की। एक्सईएन ने बताया कि इसकी सफाई के लिए करीब 60 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है। इस सप्ताह टेंडर खोला जाएगा। बता दें कि यह ड्रेन काबड़ी रोड से शुरू होकर शहर में करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र से गुजरकर सिवाह के पास आगे निकलती है।
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बारिश में एसडी कॉलेज और एसडी कॉलेज रोड के अलावा इसके दूसरी तरफ स्टेट बैंक ऑफ इंंडिया के बाहर जलभराव हो जाता है। एसडी कॉलेज के बाहर से तो निकल पाना मुश्किल हो जाता है। निगम अधिकारी कॉलेज रोड और इसके बाहर काम करेंगे। इसी तरह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाहर रेलवे रोड तक काम किया जाएगा।
संजय चौक पर जलभराव की स्थिति रहती है। यहां बंगाली टायल के पास नाले पर पानी का लोड ज्यादा है। निगम इस लाइन को दूसरी तरफ नाले में शिफ्ट करेंगे। इस लाइन का लोड कम होने पर पीछे के पानी को आसानी से आगे जाने का रास्ता मिलेगा और जीटी रोड पानी जमा नहीं होगा।
जीटी रोड पर खादी आश्रम के बाहर सबसे अधिक पानी जमा होता है। निगम का मानना है कि कृष्णपुरा और इसके साथ की कॉलोनियों की डेयरी गोबर व फैक्ट्रियों का वेस्ट तक डाल दिया जाता है। नगर निगम यहां नालों की सफाई कराने के साथ जीटी रोड पर पानी जमा होने के दूसरे कारणों का पता लगाकर समाधान करेगा।
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