संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा (पानीपत)। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और आरटीए विभाग की संयुक्त टीम ने ओवरलोड रेत के डंपरों पर कार्रवाई के दौरान टीम की लोकेशन लीक करने के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में गढ़ी बेशक गांव निवासी अंश उर्फ हर्ष को काबू किया है।
पुलिस के अनुसार अंश व्हाट्सएप ग्रुपों से आरटीए चेकिंग टीम की लोकेशन ओवरलोड वाहन चालकों तक पहुंचाता था, जिससे वे पहले सतर्क हो सकें और वाहन छुपा सकें। पुलिस ने अंश का मोबाइल भी जब्त कर सील कर दिया है।
परिवहन निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 18 जून को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के उप निरीक्षक राज सिंह के साथ टीम ने झट्टीपुर स्थित रेडक्रॉस पार्किंग के पास ओवरलोड रेत से भरे सात डंपरों को पकड़ा था। कार्रवाई के दौरान एक युवक संदिग्ध रूप से फोटो खींचने का प्रयास कर रहा था, जिस पर टीम को शक हुआ और उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
मोबाइल में मिले कई व्हाट्सएप ग्रुप
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल से ब्रादर्स, एचआरपीएनबी और यूपी हेल्प नाम के व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर आरटीए टीम की लोकेशन साझा करने के लिए किया जाता था। इससे ओवरलोड वाहन चालक कार्रवाई से बच सकें और समय रहते गाड़ियां हटा लें।
वर्जन
थाना समालखा प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि आरटीए निरीक्षक की शिकायत पर आरोपी अंश उर्फ हर्ष के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में बीएनएस की धारा 61(2) और 223(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।
सीएम फ्लाइंग और आरटीए की संयुक्त कार्रवाई में खुलासा, मोबाइल से मिले कई संदिग्ध ग्रुप केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा (पानीपत)। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और आरटीए विभाग की संयुक्त टीम ने ओवरलोड रेत के डंपरों पर कार्रवाई के दौरान टीम की लोकेशन लीक करने के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में गढ़ी बेशक गांव निवासी अंश उर्फ हर्ष को काबू किया है।
पुलिस के अनुसार अंश व्हाट्सएप ग्रुपों से आरटीए चेकिंग टीम की लोकेशन ओवरलोड वाहन चालकों तक पहुंचाता था, जिससे वे पहले सतर्क हो सकें और वाहन छुपा सकें। पुलिस ने अंश का मोबाइल भी जब्त कर सील कर दिया है।
परिवहन निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 18 जून को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के उप निरीक्षक राज सिंह के साथ टीम ने झट्टीपुर स्थित रेडक्रॉस पार्किंग के पास ओवरलोड रेत से भरे सात डंपरों को पकड़ा था। कार्रवाई के दौरान एक युवक संदिग्ध रूप से फोटो खींचने का प्रयास कर रहा था, जिस पर टीम को शक हुआ और उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
मोबाइल में मिले कई व्हाट्सएप ग्रुप
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल से ब्रादर्स, एचआरपीएनबी और यूपी हेल्प नाम के व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर आरटीए टीम की लोकेशन साझा करने के लिए किया जाता था। इससे ओवरलोड वाहन चालक कार्रवाई से बच सकें और समय रहते गाड़ियां हटा लें।
वर्जन
थाना समालखा प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि आरटीए निरीक्षक की शिकायत पर आरोपी अंश उर्फ हर्ष के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में बीएनएस की धारा 61(2) और 223(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।