पानीपत। सेक्टर-25 के नजदीक एक कॉलोनी में नए साल के जश्न के दौरान दोस्त जयराम की हत्या कर शव नाले में फेंकने के आरोपी ओमप्रकाश निवासी कारुंदी जिला बलिया यूपी ने 24 साल बाद अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
ऑपरेशन ट्रैक डाउन के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। जिस कारण आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए भी याचिका दाखिल की थी। अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया।
पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की। उसने बताया कि जयराम के उसकी पत्नी के साथ संबंध थे। उसने अंगोछे के साथ गला घोट कर जयराम की हत्या कर शव नाले में फेंक दिया था।
थाना चांदनी बाग प्रभारी महिपाल सिंह ने बताया कि बलिया निवासी ओमप्रकाश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ 2001 में पानीपत में काम करने के लिए आया था। वह सेक्टर-25 के पास एक कॉलोनी में रहकर फैक्टरी में मजदूरी करने लगा।
उसी कॉलोनी यूपी के जिला देवरिया के भीकमपुरा गांव निवासी जयराम भी रहता था। जिससे उनकी दोस्ती हो गई और जयराम का उनके कमरे पर आना जाना हो गया। नौ जनवरी 2002 को जयराम का शव सेक्टर-25 गंदे नाले के पास मिला था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच की थी। मृतक जयराम के भाई भोला ने ओमप्रकाश और उसकी बुआ के लड़के पर हत्या का शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की थी। जांच में पता चला था कि ओमप्रकाश ने अकेले ही जयराम की हत्या की है।