कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद भी सिविल सर्जन कार्यालय का लेखाकार कोरोना संक्रमित हो गया। लेखाकार ने 18 फरवरी को दूसरी डोज लगवाई थी। बुधवार को गले में खराश व दर्द होने के बाद उसने अपना कोरोना टेस्ट कराया तो शुक्रवार रात को आई रिपोर्ट में वो कोरोना संक्रमित मिला। डॉक्टरों ने उसको होम आइसोलेट कर दिया है, वहीं दूसरी ओर डॉक्टर लेखाकार की कोरोना रिपोर्ट की दोबारा जांच करवा रहे हैं। पानीपत में कोरोना वैक्सीन के बाद दोबारा कोरोना पॉजिटिव होने का ये पहला मामला है। लेखाकार के वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना पॉजिटिव होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
डॉक्टरों का कहना है कि प्रथम डोज से एंटीबॉडी बनना शुरू हो जाती है। दूसरी डोज से शरीर में एंटीबॉडी पूरी तरह से बन जाती है और शरीर संक्रमण से लड़ने पर सक्षम हो जाता है। अब वैक्सीनेशन की डोज के बाद भी संक्रमित होने का ये ही मतलब है कि वैक्सीन से शरीर में एंटीबॉडी सही से विकसित नहीं हुई। सिविल सर्जन कार्यालय में कार्यरत लेखाकार नरेंद्र अरोड़ा ने 18 जनवरी को कोरोना वैक्सीन की पहली और 18 फरवरी को नरेंद्र ने दूसरी डोज लगवाई थी। बुधवार को उनको गले में दर्द व खराश हुई तो उन्होंने अपनी कोरोना जांच कराई। शुक्रवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। उन्होंने इसकी सूचना सिविल सर्जन को दी। सिविल सर्जन ने रिपोर्ट की जांच के बाद दोबारा उनकी जांच करने के निर्देश दिए हैं। नरेंद्र अरोड़ा ने बताया कि वो होम आइसोलेट हैं। उनकी तबीयत सामान्य है। उन्होंने कोरोना की दोनों डोज लगवा ली हैं। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। वैक्सीन के बाद कोरोना पॉजिटिव मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप हैं। सिविल सर्जन की ओर से सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों और फ्रंट लाइन कर्मचारियों को दूसरी डोज लगवाने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि कोरोना संक्रमण से बचा जा सके।
वैक्सीनेशन के बाद भी सतर्क रहें- डॉ. विरेंद्र
पहली डोज से शरीर में एंटीबॉडी बनना शुरू हो जाती है। दूसरी डोज शरीर की ताकत को और अधिक बढ़ा देती है। इसलिए दूसरी डोज आवश्यक है। वैक्सीनेशन से 100 प्रतिशत इम्युनिटी नहीं है। वैक्सीनेशन के बाद भी सतर्कता बहुत अधिक जरूरी है। मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें।
डॉ. विरेंद्र ढांडा, इंचार्ज आईसीएन सेंटर, सिविल अस्पताल
सिविल सर्जन ने आईएमए की मीटिंग ली
सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने सिविल अस्पताल में आईएमए की मीटिंग ली। मीटिंग में 45 निजी अस्पतालों के संचालक ने भाग लिया। मीटिंग में सिविल सर्जन ने बताया कि सोमवार को जिले में 5500 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर चलाया जाएगा। सिविल अस्पताल, सीएचसी और सभी पीएचसी पर कोरोना की वैक्सीन लगेंगी। सभी अस्पतालों को वैक्सीनेशन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने को कहा गया है।
रिपोर्ट को दोबारा कंफर्म कराएंगे- डॉ. वर्मा
लेखाकार ने वैक्सीन लगवाई थी। उनकी रिपोर्ट को दोबारा कंफर्म किया जा रहा है। इस रिपोर्ट में उनको कोरोना पॉजिटिव बताया जा रहा है।
डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।