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गैरहाजिर डॉक्टर बिगाड़ रहे सिविल अस्पताल का स्वास्थ्य

Fri, 18 Dec 2015 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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कई सालों से बिना किसी सूचना के गैरहाजिर चल रहे डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल के स्वास्थ्य को बिगाड़ दिया है। अस्पताल के आठ डॉक्टर लंबे समय से अस्पताल से अनुपस्थित चल रहे हैं।
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अब अस्पताल में केवल 17 डॉक्टर रह गए हैं। इनमें से नियमित रूप से 14 से 15 डॉक्टर ही ड्यूटी पर रहते हैं। जबकि अस्पताल में 41 डॉक्टरों की जरूरत है।

ऐसे में शहर के पांच लाख लोगों का स्वास्थ्य निजी अस्पतालों के भरोसे चल रहा है। सिविल अस्पताल में इस समय 17 डॉक्टर हैं। इनमें से दो डॉक्टर नियमित रूप से पोस्टमार्टम ड्यूटी पर रहते हैं।

कई डॉक्टरों को लगातार कोर्ट में ही ड्यूटी देनी पड़ती है। डॉक्टरों की कमी के चलते एक डॉक्टर को दो विभागों के मरीज देखने पड़ रहे हैं।

सिविल अस्पताल के बरामदों में मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं। इससे लोगों को खासी परेशानी होती है। मजबूरन मरीज निजी अस्पतालों में इलाज को मजबूर होते हैं।
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डॉक्टर का  नाम      कब से गैरहाजिर
डॉ. रविंद्र कुमार      आठ जुलाई 2004
डॉ. जितेंद्र सिंह        तीन जून 2006
डॉ. तरुण नारंग      12 जुलाई 2013
डॉ. सुमित सिंघल     सात अक्तूबर 2013
डॉ. नितिन              सात मई 2014
डॉ. शालिनी           11 दिसंबर 2014
डॉ. विशाल             18 जनवरी 2015
डॉ. दिव्या               18 जनवरी 2015

सैलरी हैं कम और काम है ज्यादा
सिविल अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर ने बताया कि सरकार की स्वास्थ्य पॉलिसी डॉक्टर के लिए फायदेमंद नहीं है। सरकारी डॉक्टरों को काफी कम वेतन मिल रहा है, जबकि उनसे काम अधिक लिया जा रहा है।

मरीजों को देखने के अलावा उनको पोस्टमार्टम डयूटी और कोर्ट ड्यूटी भी निभानी पड़ती है। राज्य भर में डाक्टरों की अधिक कमी होने के कारण एक ही डॉक्टर को अन्य विभागों के मरीजों को भी देखना पड़ता है। इस कारण डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में नौकरी करना पसंद नहीं करते।

नौकरी छोड़ खोला अपना अस्पताल
सिविल अस्पताल से पिछले कई सालों से गैरहाजिर चल रहे डॉक्टरों ने अपना अस्पताल खोल लिया है। डॉक्टरों का कहना है कि सरकार के द्वारा उनको जो वेतन प्राप्त होता है।

उसमें वह घर का खर्च नहीं चला पाते। इसलिए उन्होंने नौकरी को अलविदा कहकर अपना अस्पताल खोल लिया है। कुछ सरकारी डाक्टर महकमा बदलने के लिए नौकरी छोड़ प्रशासनिक परीक्षाओं की तैयारियां भी कर रहे है।

उनको जो मिलता है उन्हीं से चला रहे हैं काम
एमएस डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि सिविल अस्पतालों में डाक्टरों की कमी है। आठ डॉक्टरों की तो कोई जानकारी ही नहीं है। वे लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे हैं। उनको जो मिल जाता है काम चला रहे हैं। डॉक्टरों की कमी के चलते उनको खुद भी मरीजों को देखना पड़ता है।

गैरहाजिर डॉक्टरों की समय-समय पर निदेशालय को रिपोर्ट दी जाती है। सरकार ही इन गैरहाजिर डॉक्टरों पर कार्रवाई कर सही है। उन्होंने जिले में डॉक्टरों की कमी के बारे में पत्र लिख दिया है। सिविल अस्पताल में दो नए डाक्टरों ने ज्वाइन किया है। धीरे-धीरे सिविल अस्पताल में डाक्टरों की कमी पूरी हो जाएगी।
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डॉ. इंद्रजीत धनखड़, सिविल सर्जन पानीपत
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