दवा विक्रेता अपने मुनाफे के लिए खुलेआम एमटी पिल किट बेच रहे हैं।
खरीदने वाले को भले ही इसके नुकसान का पता न हो। लेकिन इसे बेचने वाला दुकानदार इस बात से पूरी तरह वाकिफ है कि इसके ज्यादा इस्तेमाल से महिला बांझ हो सकती है। इसके अलावा इस तरह की दवाओं पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी रोक लगा रखी है।
विभागीय उदासीनता के कारण इसकी खुलेआम बिक्री की जा रही है। यह भी बता दें कि इस दवा को बेचने के लिए न केवल डॉक्टर की पर्ची चाहिए, बल्कि इसके लिए डॉक्टर की पर्ची की फोटोस्टेट भी रखना आवश्यक है। जो विभागीय अधिकारी के मांगने पर दिखानी होती है।
नुकसान के बारे में डॉक्टरी राय
ज्यादा इस्तेमाल से बांझ हो सकती हैं महिलाएं।
अधिक इस्तेमाल से रक्तस्राव हो सकता है।
गर्भ कैंसर होने की आशंका होती है।
महिला को डीएनसी करानी जरूरी होती है।
शरीर के अंदर खून की कमी हो जाती है।
बच्चेदानी में इन्फेक्शन हो सकता है।
डॉ. निकिता पाहुजा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, (एमएस) दीनदयाल अस्पताल, दिल्ली
डॉक्टर नहीं देते इसकी सलाह
डॉक्टरों ने इस किट के इस्तेमाल की सलाह देना बंद कर दिया है। अगर डॉक्टर मरीज को सलाह देता है तो उसे मरीज का रिकॉर्ड रखने की अनिवार्यता है। दूसरा किसी भी तरह के शारीरिक नुकसान के लिए डॉक्टर को दोषी माना जाता है।
कानूनी कार्रवाई से डरकर कतराए डॉक्टर
डॉक्टर के दवा न लिखने का फायदा केमिस्टों ने उठाना शुरू कर दिया है। मेडिकल स्टोर मालिक अपने स्टॉक में काफी तादात में ऐसी दवाओं का स्टॉक रखने हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में कुछ स्टोर को दवा बेचने के लिए अधिकृत कर रखा है। लेकिन शहर में चोरी छिपे सभी स्टोर पर ये दवा मौजूद है।
पर्ची की फोटोस्टेट रखना जरूरी
माइफप्रिस्टोन 200 एमजी वाली इस दवा के खुले में बेचने पर रोक लगा रखी है। कानूनन डॉक्टर पर्ची के आधार पर ही केमिस्ट यह किट बेच सकता है।
साथ ही दुकानदार को पर्ची की फोटो स्टेट प्रति भी अपने पास रखनी होती है। बिना बिल काटे यह किट बेचने की मनाही है। किट का इस्तेमाल गर्भधारण करने वाली महिला की समस्त शारीरिक जांचों के बाद ही विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर किया जा सकता है।
किट का ज्यादा इस्तेमाल महिला को बांझ भी बना सकता है। सबसे जरूरी किट की सलाह जिस महिला को दी जा रही है। उसका संबंधित चिकित्सक और केमिस्ट को रिकॉर्ड रखना जरूरी होता है।
एमटी पिल किट को रखने के लिए विभाग की ओर से जिले में कितने केमिस्टों को अधिकृत किया है। इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सीएमओ, पानीपत।