मतलौडा (पानीपत)। आसन कलां गांव के नजदीक सड़क पर लटके बिजली की तार में उलझने से एक मोटरसाइकिल सवार युवक का गर्दन कटकर धड़ से अलग हो गई। युवक मतलौडा का रहने वाला था और मंडी के एक आढ़ती की गाड़ी चलता था।
वह बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे मतलौडा से पानीपत के लिए निकला था। प्रथम दृष्टया सड़क किनारे बिजली का खंभा झुकने के कारण तार एक कंटेनर में उलझकर सड़क पर काफी नीचे तक लटक गई थी। मोटरसाइकिल सवार वहां से गुजरा तो वह तार की चपेट में आ गया। हादसे के बाद चालक कंटेनर को मौके पर ही छोड़कर भाग गया। पुलिस ने कंटेनर को अपने कब्जे में ले लिया है। कैंटर चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया। हादसा बुधवार सुबह करीब नौ बजे हुआ। मतलौडा के नरेंद्र शर्मा ने बताया कि उसका बेटा आशीष शर्मा (41) करीब पांच साल से मतलौडा अनाज मंडी में आढ़ती अंसल निवासी जगदीश बंसल के पास चालक था। बुधवार को उसे पानीपत से गाड़ी लेकर दिल्ली जाना था। जिस कारण वह सुबह करीब साढ़े आठ बजे घर से मोटरसाइकिल लेकर घर से पानीपत के लिए निकला था। वह जैसे ही आसन कलां गांव के पास पहुंचा तो वहां एक कंटेनर में उलझकर बिजली के तार सड़क पर लटके हुए थे।
आशीष जब मोटरसाइकिल लेकर वहां से गुजरा तो बिजली का तार उसकी गर्दन में फंस गया और उसकी गर्दन कट गई। हादसा इतना भीषण था कि आशीष की गर्दन पूरी तरह से धड़ से अलग होकर जा गिरी। हादसे के बाद राहगीरों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
तुरंत ही पुलिस को इसकी सूचना दी। मतलौडा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भेज दिया। हादसे के बाद बड़ी संख्या में परिजन भी जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच गए। उधर हादसे के बाद कंटेनर चालक कंटेनर को मौके पर ही छोड़कर भाग गया। पुलिस ने कंटेनर को अपने कब्जे में ले लिया। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।
अब किसके सहारे रहूंगी: आशीष परिवार में सबसे बड़ा बेटा था। करीब 20 साल पहले उसका विवाह डिंपल के साथ हुआ था। उनकी कोई संतान नहीं थी।