नीपत। जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसपी भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को दंगा नियंत्रण कंपनियों की तैयारियों को परखा। इसके लिए मंगलवार को दोपहर बाद करीब दो बजे तीन कंपनियों को जिला सचिवालय में ऑन कॉल फाल ऑन किया। कंपनियाें के कर्मचारी आधी अधूरी तैयारी के साथ पहुंच गए। कंपनी के जवान न तो पूरी तरह से लाठी डंडों से लैस थे और न ही सभी के पास बॉडी प्रोटेक्टर थे। जिस पर एसपी ने नाराजी जाहिर की।
उनके जाने के बाद डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स ने सवाल उठाए और कहा कि इस तरह की तैयारी से दंगा कैसे रुक पाएगा? दंगा नियंत्रण कंपनी को हर समय पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद रहना चाहिए। एसपी ने कहा कि कंपनियों को एक ही आदेश पर कम से कम समय में पूरी तैयार के साथ बताए गए स्थान पर पहुंच जाना चाहिए। जिले में किसी भी कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के 428 जवानों की चार दंगा निरोधक कंपनी बनाई हैं। कंपनी में तैनात प्रत्येक जवान लाठी, डंडा, बॉडी प्रोटेक्टर, कैन सिल्ड, हेल्मेट व अन्य जरूरी उपकरणों से लैस किया गया है। एक कंपनी में तीन अलग अलग प्लाटून बनाकर जवानों को तैनात किया गया है। मंगलवार को एसपी भूपेंद्र सिंह ने कंपनी की तैयारियों को परखने और निरीक्षण के लिए कंपनियों को कॉल कराया। सभी को जिला सचिवालय पहुंचने के आदेश दिए गए। इस दौरान तीन कंपनियों के जवान सचिवालय तो पहुंच गए। लेकिन उनकी तैयारी अधूरी थी। एसपी ने पुलिस जवानों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाए।
इसके बाद उन्होंने भीड़ को अनियंत्रित करने करने के बारे में जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों व जवानों को जहां तक हो सके मनोवैज्ञानिक तरीके से भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही बताया कि भीड़ के दौरान पुलिस अफसर व जवानों को हमेशा शांत रहना चाहिए। वही डीएसपी मुख्यालय सतीश कुमार ने कहा कि जब भी कंपनी को कॉल आती है तो तुरंत पूरे साजो सामान के साथ तय स्थान पर पहुंचना होता है। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यही नहीं उन्होेंने कहा कि यदि किसी के पास जरूरी सामान की कमी है तो वह पुलिस लाइन या संबंधित थाने से ले लें। इस मौके पर सेना क्लर्क रविंद्र, इंस्पेक्टर बिजेंद्र व इंस्पेक्टर कलीराम मौजूद रहे।