असम की 22 वर्षीय युवती को काम दिलाने का झांसा देकर पानीपत लाया गया और फिर वार्ड 11 की एक महिला ने उसे सेक्टर 13-17 में मकान मालिक को 60 हजार रुपये में बेच दिया गया। युवती ने असम में अपने परिजनों को फोन कर इस बारे में बताया। परिजनों ने असम के वन स्टॉप सेंटर से मदद मांगी। असम से पानीपत वन स्टॉप सेंटर में कॉल की सूचना दी गई। मामले में कार्रवाई करते हुए वन स्टॉप सेंटर की इंचार्ज ईशा वर्मा मान ने डीएसपी मुख्यालय की मदद से गत 23 मार्च की रात एक बजे ही युवती को सेक्टर 13-17 से मुक्त कराया।
23 मार्च की रात 10 बजे उनके पास असम के उदलगुरी से पानीपत वन स्टॉप सेंटर से फोन आया और पानीपत में 22 वर्षीय युवती को बेचने की सूचना दी गई। वन स्टॉप सेंटर की इंचार्ज ने डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स के संज्ञान में मामला डाला और पुलिस की मदद से 23 मार्च की रात करीब एक बजे उन्होंने युवती को सेक्टर 13-17 स्थित एक मकान से मुक्त कराया। युवती की काउंसलिंग हुई तो खुलासा हुआ कि उसे वार्ड 11 निवासी सीमा नामक एक महिला जॉब दिलाने का झांसा देकर पानीपत बुलाया था। उसे सेक्टर 13-17 एक मकान में करीब 60 से 70 हजार में बेच दिया। मकान मालिकों ने घर में बर्तन साफ और घर का काम कराया।
युवती ने काउंसलिंग में बताया कि मकान मालिक व मालकिन उसे परिवार में बातचीत नहीं करने देते थे। जब वह भी फोन करने की बात कहती तो मालकिन काम करने का दबाव डालती। जिसके बाद उसने गत 23 मार्च को मौका मिलते ही अपने पिता को फोन किया और आपबीती बताई। परिजनों आनन फानन में पानीपत पहुंचे और वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधिका से मदद की गुहार लगाई।
पानीपत पहुंचे युवती के परिजनों ने बताया कि फिलहाल उनकी बेटी डरी हुई है। वह अपनी मां से मिलना चाहती है। वह आसाम में पहुंचकर सखी सेंटर और असम की पुलिस की मदद से आरोपियों पर कार्रवाई करेंगे।