पानीपत। जिला स्तरीय जनता समाधान शिविर में एक कैंसर पीड़ित ने पेंशन की मांग करते हुए आर्थिक स्थिति का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी के चलते जीवनयापन मुश्किल हो गया है और पेंशन न मिलने से परेशानी बढ़ गई है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को पात्रता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिला सचिवालय के द्वितीय तल पर सोमवार को आयोजित इस शिविर में उपायुक्त के कार्यभार संभालने के बाद यह पहला कार्यक्रम रहा। इसमें कुल 25 लोगों ने अपनी शिकायतें प्रस्तुत कीं। उपायुक्त ने शिविर में अनुपस्थित रहे विभागाध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
शिविर में ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याएं रखीं। सुशील और अन्य ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति की समस्या के समाधान की मांग की। सोहनलाल ने वरिष्ठ नागरिक कार्ड बनवाने की अपील की, जबकि शमशेर सिंह ने गांव में लगे बिजली ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की। उन्होंने बताया कि वर्तमान स्थान पर ट्रांसफार्मर से जान-माल का खतरा बना हुआ है। वहीं अहर गांव के एक व्यक्ति ने फिरनी से अवैध कब्जे हटवाने की मांग रखी।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचाकर समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने कहा कि जनता समाधान शिविर केवल शिकायत दर्ज कराने का मंच नहीं, बल्कि समाधान सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिविर में लापरवाही या अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ नागरिक समस्याओं का समाधान कर रहा है। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
इस अवसर पर एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, नगराधीश टीनू पोसवाल, डीडीपीओ राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।