समालखा। दिल्ली अंबाला रेलवे ट्रैक पर चुलकाना फाटक पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज से रास्ता बंद होने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन दूसरे दिन उग्र हो गया। रेलवे कर्मचारियों द्वारा ट्रैक से पत्थर हटाने से नाराज कई गांवों के लोगों ने रविवार को दोबारा से ट्रैक जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक पर लाल झंडा लगा दिया। इस कारण माल गाड़ी फाटक पर करीब तीस मिनट तक रुकी रही। वहीं अन्य कई ट्रेन भी लेट हो गई। सूचना मिलने पर जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया।
ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते फाटक बंद कर दिया। संबंधित कंपनी इसके निर्माण को पूरा करने की तरफ ध्यान नहीं दे रही। रेलवे अधिकारियों ने दुपहिया वाहन निकलने के रास्ते को भी बंद कर दिया। रेलवे द्वारा कोई भी वैकल्पिक रास्ता नहीं है। लोगों ने स्वयं ही ट्रैक पर पत्थर डालकर दोपहिया वाहनों के आने जाने के लिए रास्ता बनाया था, लेकिन रेलवे कर्मचारियों ने शनिवार को पत्थर हटाकर रास्ता बंद कर दिया। जिस पर ग्रामीणों ने ट्रैक जाम लगा दिया। जीआरपी ने दोबारा लाइन पर पत्थर रखवाकर रास्ता चालू करवाया था, लेकिन रविवार सुबह फिर से ट्रैक से पत्थर हटाकर रास्ता बंद कर दिया। इसके विरोध में लोगों नारेबाजी करते हुए ट्रैक जाम कर दिया और लाल झंडी दिखाकर माल गाड़ी को फाटक पर ही रोक दिया। लोगों का कहना था कि रेलवे की ये हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोबारा ऐसा होने पर दर्जनों गांवों के लोग ट्रैक पर आ जाएंगे। ग्रामीणों द्वारा ट्रैक जाम करने की सूचना मिलने पर जीआरपी व स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शांत किया।
ये ट्रेन हुई प्रभावित
रास्ता उखाड़ने से नाराज लोगों द्वारा जाम लगाने के कारण जहां चुलकाना फाटक पर अप लाइन पर करीब 30 मिनट तक मालगाड़ी खड़ी रही। वहीं गरीबरथ एक्सप्रेस ट्रेन को 18 मिनट तक स्टेशन पर रोकना पड़ा शताब्दी 5 मिनट तक समालखा स्टेशन पर खड़ी रही। इसके अतिरिक्त अन्य ट्रेनें भी आउटर और दूसरे स्टेशनों पर खड़ी रही। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं चुलकाना फाटक पर मालगाड़ी खड़ी होने के कारण रास्ता बंद होने से वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं