पार्षद ही तय करेंगे सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चयन
सदन में होने वाली बैठकों में मेयर की होगी आखिरी मुहर, अविश्वास प्रस्ताव खत्म करने को लेकर मेयर का हो रहा है सीधा चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम में मेयर का चुनाव सीधे कराने के प्रदेश सरकार के फैसले के बाद अब सदन में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद को लेकर गुणा-भाग तेज हो गया है। मेयर का चुनाव तो जनता करेगी मगर सदन में अन्य महत्वपूर्ण पदों के चयन में पार्षदों की भागेदारी होगी।
नगर निगम का चुनाव लड़ने वाले नेताओं को प्रदेश सरकार की ओर से आने वाले नोटिफिकेशन का इंतजार है। अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। वह कहते हैं कि सदन में महापौर की भूमिका सबसे प्रमुख होगी। जिले का पहला नागरिक होगा। नगर निगम के 26 वार्ड में पार्षदों का चुनाव होगा। इसी में से जितने वाले पार्षद सदन में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चयन करेंगे। महापौर के नेतृत्व में होने वाली बैठक में पार्षदों के प्रस्ताव को पास किया जाएगा। इस पर नगर निगम के अधिकारी काम करेंगे।
उल्लेखनीय है कि मेयर का चुनाव आम जनता से किए जाने पर हर दल में दौड़ तेज हो गई है। सभी पार्टियों के लिए यह सेमीफाइनल होगा। ऐसे में मेयर पद के लिए हर कोई मजबूत उम्मीदवार तलाश रहा है। पानीपत नगर निगम में मेयर पद पर बैकवर्ड महिला के लिए आरक्षित है।
सवा तीन लाख मतदाताओं में मेयर का होगा चयन
वार्डबंदी के दौरान 24 वार्ड की जगह 26 वार्ड बनाए गए हैं। हर वार्ड में 12 से 14 हजार मतदाता हैं। इनकी संख्या सवा तीन लाख है। हर मतदाता को दो मत का इस्तेमाल करना होगा। पहला मत वह अपने क्षेत्र के पार्षद और दूसरा मत मेयर के लिए इस्तेमाल करेंगे।
अविश्वास प्रस्ताव और ब्लैकमेलिंग को रोकने के लिए सरकार ने लिया है फैसला
प्रदेश के सभी निगमों में अविश्वास की बात बार-बार आती थी। मेयर कोई काम खुल कर नहीं कर पाता था। सरकार के इस फैसले से पानीपत नगर निगम ही नहीं बल्कि प्रदेश के अन्य निगमों में भी विकास को गति मिलेगी। -दुष्यंत भट्ट, निवर्तमान पार्षद