म्हारे गांवों में दूसरे चरण में भी पढ़ी लिखी सरकार बन गई। दूसरे चरण में समालखा व मतलौडा ब्लाक में 84.1 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां 177632 मतों में से 14,9469 मतदाताओं ने मतदान किया।
युवा दूसरे चरण में भी प्रथम चरण के अनुमान के हिसाब से परिवर्तन लाने में कामयाब रहे। ऊंटला गांव में तो गांव की बेटी ने ही गांव की बहू को हराकर पिछले चुनाव में अपने पिता की चौधर की लड़ाई की हार का बदला लिया।
वहीं मतलौडा कस्बे व भालसी में परिवहन एवं आवास मंत्री के दोनों समर्थक बुरी तरह से हार गए। इसके बाद कस्बे में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
पंचायती राज संस्थाओं के अंतर्गत द्वितीय चरण में रविवार को समालखा व मतलौडा खंड में चुनाव हुआ। प्रात: साढे सात बजे मतदान शुरू हुआ और इसके बाद धीरे-धीरे मतदान तेज हो गया।
मतलौडा खंड में मतदान सबसे तेजी से चला, जबकि समालखा खंड में मतदान दिनभर सुस्ताता रहा। प्रात: 11 बजे मतलौडा में 20.8 व समालखा में 20.1 प्रतिशत मतदान हुआ।
इसके बाद मतदान कुछ तेज हुआ और दोपहर के वक्त मतलौडा में मतदान 47.7 व समालखा में 43.9 प्रतिशत मतदान पहुंच गया। दोपहर बाद मतदान ने कुछ ओर गति पकड़ी और चार बजे मतलौडा में 73.5 व समालखा में 75.4 प्रतिशत रहा।
इसके बाद मतदान केंद्रों पर लाइन में खड़े मतदाताओं को टोकन दिया गया और बाकी को लाइन में नहीं लगने दिया गया। दोनों खंड़ों में करीब डेढ़ घंटे बाद तक मतदान चलता रहा।
समालखा के 86836 मतदाताओं में से 73691 मतदाताओं ने मतदान किया। यहां मतदान प्रतिशत 84.9 प्रतिशत रहा। मतलौडा में 90796 में से 75750 ने मतदान किया। यहां का मतदान प्रतिशत 83.4 प्रतिशत रहा।
मतलौडा की 34 में से 33 व समालखा की 32 में बनी पंचायत
द्वितीय चरण में रविवार को मतलौडा व समालखा के गांवों में सरकार बनी। मतलौडा की 34 पंचायतों में से 31 पर मतदान हुआ। मतलौडा खंड के सौदापुर गांव में सरपंच पद पर मतदान नहीं हो सका।
यहां पर ग्रामीणों की एकता या कहें अनदेखी पंचायत गठन में रोड़ा बन गई। बताया जा रहा है कि सौदापुर गांव में कश्यप सबसे ज्यादा है।
इस समाज के तीन लोगों ने सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल किया था, लेकिन उनके नामांकन पत्र खारिज हो गए। गांव में पंचायत हुई और दूसरे समाज के लोगों ने भी अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए। जिसके चलते सौदापुर गांव में सरपंच पद के लिए एक भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं हो सका। वहीं समालखा के 32 पंचायतों में चुनाव हुआ और यहां पर गांव की अपनी सरकार बनी।
यहां इसकी बनी सरकार
खंड मतलौडा सरंपच
गांव सरपंच नाम
आदियाना रामफल
अहमदपुरमाजारा अमीर सिंह
अलूपूर विक्की कुमार
आसान खुर्द नीलम रानी
अटावला जगबीर सिंह
बाल जाटान सरिता देवी
भादड़ रीना देवी
भालसी सुनील कुमार
भंडारी विजय देवी
बोहली विक्रम सिंह
दरियापुर रामफल
धर्मगढ़ मेहर सिंह
डूमियाना प्रवीण कुमार
जोशी भारती देवी
कालखा सरोज देवी
कवि सुमेर सिंह
खंडरा सलिंद्र कुमार
खुखराना रेखा देवी
लोहारी संदीप
मतलौडा अशोक कुमार
मेहीदीनपुर थिराना गीता रानी
नैन विक्रम सिंह
नारा सुरजभान
नौहरा सरोज देवी
रैर कला शीशपाल
शेरा सुरेश कुमार
सिठाना सतपाल
सुताना अनीता देवी
उटला कुमारी बबली देवी
उरलाना कलां कृष्ण कुमार
उरलाना खुर्द दिलराज कौर
वैसरी राजबीर सिंह
वैसर राजबीर
सौदापुर कोई नामांकन दाखिल नहीं।
खंड समालखा सरपंच
गांव सरपंच
ढिंडार सुभाष गुप्ता
छदिया युसुफपुर सुदेश बाला
किवाना मोनिका
गढ़ी त्याग्यान सुभाष छौक्कर
सिंबलगढ़ संजय कुमार
शहरमालपुर प्रदीप दुहन
बिहौली जिले सिंह
जौरासी खालसा कुलदीप सिंह
चुलकाना मदन लाल
बसेड़ा गौरव कुमार
आट्टा कुलबीर सिंह
ढोड़पुर रजनीश कुमार
पट्टीकल्याणा निशा देवी
करहंस सरोज देवी
हथवाला रूबी त्यागी
नामुंडा किशन सिंह
जौरासी सर्फ खास पूनम देवी
देहरा मामन छाछिया
गढी छाजू प्रवीण कुमार
डिकाडला मुकेश
बुढनपुर ममता
मनाना सुनीता देवी
भोड़वाल माजरी लक्ष्मी देवी
नारायणा सीमा देवी
बिलासपुर जयबीर सिंह
कारकोली कुलदीप सिंह
हलदाना शिव कुमार
महावटी कपिल देव
राक्सेड़ा जय प्रकाश
वजीरपुर टिटाना जसबीर सिंह
पावटी शर्मिला
मच्छरौली कृष्णा देवी
जिले के समालखा व मतलौडा खंड में पंचायती राज संस्थाओं के दूसरे चरण का चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुआ। यहां पर सरकार की शिक्षा व दूसरी शर्त लागू होने का असर देखा गया। दोनों खंडों में रिकार्ड मतदान हुआ। दूसरे चरण के चुनाव शांतिपूर्वक कराने में अधिकारियों, कर्मचारियों व दोनों खंडों की जनता का विशेष योगदान रहा।
समीर पाल सरो, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त पानीपत।