फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

6 राज्यों के 30 हजार यात्रियों को रोडवेज की हड़ताल के कारण करना पड़ा परेशानियों का सामना, लोगों ने रेल व निजी वाहनों से किया सफर

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो सं या :-12 से 17
विज्ञापन


हड़ताल से हलाकान रहे बस यात्री, 140 में से 11 बसें ही चलीं
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। हरियाणा राज्य परिवहन के कर्मचारी की अपनी मांगों को लेकर एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर यहां देखने को मिला। पानीपत रोडवेज में 140 बसें हैं। इनमें से अमूमन 125 बसें रोजाना ऑन रोड रहती हैं। इनमें से 11 बसें हड़ताल के दौरान भी सड़कों पर दौड़ती नजर आईं। इन बसों को जीएम रोडवेज की ओर से रात को ही परिसर से बाहर खड़ा करवा दिया था, ताकि बसों को निकालने में दिक्कत ना हो।
पानीपत से यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़ व दिल्ली तक यात्री जाते हैं। हर रोज 30 हजार यात्री यहां से गुजरते हैं। बसें न चलने के कारण पानीपत डिपो को सात से आठ लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं 45 हजार के लगभग यात्रियों को निजी वाहनों व ट्रेन पर निर्भर रहना पड़ा। कॉलेज आने वाले ज्यादातर विद्यार्थियों ने हड़ताल की वजह से छुट्टी कर ली। इस दौरान सभी कर्मचारियों ने बारी-बारी से अपनी मांगें रखीं। कर्मचारियों ने रोष प्रकट करते हुए प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
विज्ञापन

सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव तेजपाल ने रोडवेज की हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार सभी विभागों का निजीकरण करने का प्रयास कर रही है। अगर किसी भी विभाग का निजीकरण होता है तो भविष्य में युवाओं के लिए स्थायी रोजगार का संकट पैदा हो जाएगा। महाबीर देशवाल ने कहा कि कर्मचारियों की मांग सरकार को माननी ही पड़ेगी। पानीपत डिपो कर्मचारी रामपाल ने हरियाणवी रागिनी गाकर अपनी मांगों को रखा। इनके अलावा सुल्तान मलिक, अनिल कुंडू, रणबीर शर्मा व राजपाल ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।

रेलवे में डेढ़ प्रतिशत बढ़े यात्री : रोडवेज की हड़ताल के कारण लोगों को रेल से सफर करना पड़ा। हड़ताल के दौरान रेलवे स्टेशन पर हजारों की संख्या में यात्रियों ने ट्रेन का सफर किया। हड़ताल के चलते गांव के रास्तों पर चलने वाले निजी वाहन भी शहर की सड़कों पर दौड़ने लगे।

संस्थान प्रबंधक के पास केवल छह कर्मचारियों ने लगाई स्ट्राइक
डिपो में लगभग सभी कर्मचारियों ने स्ट्राइक पर बैठ कर मांगों का समर्थन किया, लेकिन संस्थान प्रबंधक के कक्ष में केवल छह कर्मचारियों ने ही हाजिरी रजिस्टर में स्ट्राइक लगाई। सभी कर्मचारी ऑन ड्यूटी रहकर ही स्ट्राइक का समर्थन कर रहे थे।

इन रूटों पर चलीं बसें : हड़ताल के दौरान पानीपत डिपो की ग्यारह बसें ऑन रोड रहीं। इनमें दो बसें हरिद्वार के रूट पर, तीन बसें अलवर, एक बस अलीगढ़, दो बसें हरिद्वार, दो बसें सिरसा, एक बस अजमेर, एक बस पानीपत से कालखा लौहारी व एक बस समालखा से बसेड़ा के रूट पर सुचारु रूप से चली।
विज्ञापन


यात्रियों की सुविधा के लिए पूरा प्रयास किया गया। जो कर्मचारी बसों को लेकर चलना चाहते थे, वे चला रहे थे। जो बसें बाहरी स्टेशनों पर खड़ी करवाई गई थीं, उसने अपनी सुविधा सुचारु रूप से दीं।
- रामकुमार, डिपो जीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें