फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

-खट्टर सरकार बेटियों की सुरक्षा को लेकर कतई नहीं गंभीर

विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा बन गया है सामूहिक दुष्कर्म की राजधानी : सैलजा
विज्ञापन

-उरलाना कलां गांव में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग देने का दिया आश्वासन
फोटो-1
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत/मतलौडा। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश सामूहिक दुष्कर्म की राजधानी बन गया है। महिलाएं और बेटियां दुष्कर्म की शिकार हो रही हैं, लेकिन प्रदेश सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है।
विज्ञापन

कुमारी सैलजा ने ये बात मंगलवार को जिले के गांव उरलाना कलां में सामूहिक दुराचार के बाद हत्या के मामले में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के बाद मीडिया के सामने रूबरू होते वक्त कही। कुमारी सैलजा ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन परिवारों के इंसाफ की लड़ाई लड़ेगी ताकि बेटियों से कुकृत्य करने वाले अपराधियों को कड़ी सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार की पुलिस पर पकड़ नहीं है। इन सबके चलते प्रदेश में इस तरह के अपराध बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार 2016 के दौरान प्रदेश में सामूहिक दुष्कर्म की 191 घटनाएं हुई थीं। राष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक दुष्कर्म की औसत जहां महज 0.3 प्रतिशत थी, जबकि प्रदेश में यह औसत 1.5 प्रतिशत ही। पिछले साल प्रदेश में दुष्कर्म के 189 केस दर्ज किए गए थे। इनमें से अधिकतर पीड़ितों की उम्र 18 साल से कम रही है। इस अवधि के दौरान छह साल से कम उम्र की 32 बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने कहा कि साल 2017 में भी महिला उत्पीड़न की 9523 घटनाएं हुईं। ये 2016 के मुकाबले गैंगरेप की घटनाएं 2017 में बढ़कर 204 तक पहुंच गईं। पिछले साल प्रदेश में दहेज हत्या की229, दुष्कर्म की 1238, दुष्कर्म के प्रयास की 141, महिलाओं व युवतियों के साथ छेड़छाड़ के 2039 मामले दर्ज किए गए। इसी तरह महिलाओं व युवतियों के अपहरण की 2432 घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए यह बेहद ही गंभीर स्थिति है। रिपोर्ट का हवाला देकर सैलजा ने कहा कि प्रदेश रेप व गैंगरेप की राजधानी बन रहा है। मगर राज्य सरकार बेटियों पर हो रहे अपराध को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। इस अवसर पर प्रताप चौधरी, राजपाल, सुनील बिंझौल, जगदेव मलिक, संत भुक्कल रेरकलां, हरपाल चंदेल, कृष्ण सरपंच उरलाना मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें