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नकली स्टांप पेपर पर मकान मालिक की जमीन के कागजात गिरवी रख बैंक से लिया 60 लाख का लोन

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नकली स्टांप पेपर पर मकान मालिक की जमीन के कागजात गिरवी रख बैंक से लिया 60 लाख का लोन
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- पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व मैनेजर सहित 4 पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नई दिल्ली निवासी व्यापारी से धोखाधड़ी कर उसके किरायेदार ने पानीपत के बैंक मैनेजर सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी जमीन पर 60 लाख रुपये का लोन ले लिया। साथ ही लोन की किस्त नहीं चुकाई। जिसके बाद बैंक की तरफ से व्यापारी को लीगल नोटिस गया। जिसके माध्यम से व्यापारी को उसके साथ हुई धोखधड़ी का पता लगा। व्यापारी ने इसकी शिकायत पानीपत थाना शहर पुलिस को दी। पुलिस ने व्यापारी की शिकायत पर आरोपी राजेंद्र वशिष्ट पुत्र अमीर चंद्र निवासी अंसल पालम विहार गुरूग्राम, बृजेश सिंगला पुत्र वीरभान, अंकित सिंगला पुत्र बृजेश सिंगला निवासी मकान नंबर 13 नजदीक सखी दरबार मॉडल टाउन पानीपत व प्रोपराईटर मै. विरगो ट्रेडिगं हाउस, नई उम मार्किट पानीपत सहित पंजाब नेशनल बैंक पानीपत के पूर्व मैनेजर सुभाषचंद जैन सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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गांव मोहम्मदपुर आरके पुरम नई दिल्ली ने थाना शहर पुलिस को धोखाधड़ी की एक शिकायत दी है। पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया कि आरोपी राजेंद्र वशिष्ठ उसके मकान में8 किरायेदार है। जिसने खुद को मार्बल पत्थर का आयातक बताते हुए उससे पहचान बनाई। साथ ही मार्च 2007 में उक्त जायदाद नंबर ई -131 स्थित खसरा नंबर 174 गांव मोहम्मदपुर नई दिल्ली के दस्तावेज इटालियन फर्म से व्यापार शुरू करने के लिए बतौर जमानती ले लिए। साथ ही कंसाईनमैंट मिलने पर जायदाद की मालकियत दस्तावेज वापस लौटाने का विश्वास दिलाया। 10 जनवरी 2012 को पंजाब नेशनल बैक से मिले नोटिस में पीड़ित को पता लगा कि आरोपी राजेंद्र वशिष्ट, सुभाष चंद जैन ने बृजेश सिंगला व अंकित सिंगला के साथ साजबाज होकर मेरे साथ उक्त जायदाद के असल दस्तावेज पंजाब नेशनल बैंक में मैं विरगो ट्रैडिग हाउस के नाम 60 लाख रुपये का लोन देकर बतौर गांटर के लिए दिखा दिए। मामले की जांच करने पर पता लगा आरोपियों ने कश्मीरी लाल गाबा व राजेंद्र सिंह स्टैंप वैंडर्स कोर्ट कंपाउंड के साथ मिली भगत कर खाली पेपर को 10 रुपये का स्टांप पेपर बना कर खुद ही स्टांप विक्रेता के रजिस्ट्र में फर्जी हस्ताक्षर करके उक्त लोन मे बतौर गारंटी बैंक में जमा करवा दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी धरपकड़ शुरू कर दी।
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