लूट की वारदात में 30 घंटे बाद तो धोखाधड़ी में 52 दिन बाद केस दर्ज
नकली पुलिस वाला गैंग का शिकार हुआ ज्वेलर्स, 30 घंटे 32 मिनट बाद हुआ मामला दर्ज
नकली पुलिस वाले गैंग ने लूटे तीन लाख की डायमंड ज्वेलरी, सोमवार रात 7.47 मिनट पर किया मामला दर्ज अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। हलवाई हट्टा बाजार में रविवार को बाजार के प्रधान के मौसेरे भाई कारीगर कमल जैन पुत्र दर्शन कुमार जैन के साथ नकली पुलिस वाला गैंग के दो बाइक सवार बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया। मामला साढ़े तीस घंटे बाद दर्ज किया गया।
बदमाशों ने उसे नकली पुलिस का आई-काई दिखाकर उससे बैग चेक करवाने के लिए कहा। बदमाशों ने अफीम की सूचना मिलने पर उसका बैग चेक किया व उसमें से तीन लेडीज डायमंड रिंग व एक डायमंड पैंडल सेट निकाल लिए। इसके बाद वो उसे धमकाते हुए वहां से बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। घटना रविवार सुबह सवा 9 बजे की है। घटना के तुरंत बाद किला थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुुंची व उनका क्षेत्र नहीं है, के बारे में बोल कर सीटी थाना पुलिस को सूचित कर वहां से चली गई। सिटी थाना पुलिस वहां पहुंची। उन्होंने पीड़ित के बयान मौके पर ही ले लिए। लेकिन इस मामले में सिटी थाना पुलिस ने सोमवार रात 7.47 पर केस दर्ज किया।
एटीएम की जानकारी पूछ छात्र के खाते से निकाले 9998 रुपये, 52 दिनों बाद केस दर्ज
पानीपत। सेक्टर-11 निवासी बीटेक के छात्र अंकुर ने बताया कि उसके मोबाइल फोन पर 31 अगस्त दोपहर को पौने तीन बजे एक फोन आया। उसने कहा कि वह निजी फाइनेंस कंपनी से बात कर रहा है। उसने कहा कि तुमने जो फोन किस्तों पर लिया है, उसकी किस्त दो सितंबर को बैंक से लगेगी। लेकिन दो सितंबर को जन्माष्टमी की बैंक छुट्टी होने के कारण वह किस्त नहीं लगेगी। इससे तुम्हारा चेक बाउंस हो जाएगा। चेक बाउंस होने से बचाने के लिए खाते को अपडेट करवा लो। इसके लिए उसने पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, डेबिट कार्ड को व्हाट्सएप करवाने के लिए कहा। इसके बाद फोन पर आए पिन कोर्ड को उसने पूछा व उसी दौरान उसने उसके खाते से 4999 रुपये निकाल लिए। इसके तुरंत बाद उसने 4999 रुपए निकाल लिए। इस तरह से आरोपी ने धोखाधड़ी से कुल 9998 रुपये उसके खाते से निकाल लिए।
यूं हुआ मुकदमा दर्ज : धोखाधड़ी की शिकायत लेकर पीड़ित छात्र सेक्टर-11 चौकी पुलिस के पास गया। वहां उन्होंने छात्र से लिखित में शिकायत ले ली। इसके 15 दिनों बाद पुलिस ने मामला सिटी थाना पुलिस का बताते हुए वहां से सिटी थाना पुलिस के पास जाने की हिदायत दी। छात्र का आरोप है कि वहां जाने पर सिटी पुलिस ने उसे कहा कि इस तरह की वारदात कभी भी हल नहीं होती है। ये वारदात आए दिन हो जाती है, लेकिन इसमें कभी कोई मामला ट्रेस नहीं हुआ है। उन्होंने छात्र की शिकायत नहीं ली। इसके बाद छात्र ने दो बार सीएम विंडो पर उक्त मामले की शिकायत दी। इसके बाद सोमवार को 52 दिनों के बाद उक्त मामले में केस दर्ज हुआ है।
जांच का है प्रोविजन, कर सकते हैं लेट केस दर्ज
किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर केस दर्ज करने पहले उसमें जांच करने का प्रोविजन पुलिस के पास है। इसके चलते हर मामले में जांच कर ही केस दर्ज किया जाता है।
-विक्रांत, एसएचओ, थाना शहर पुलिस