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प्रधान पद के चुनाव को लेकर दो गुटों में हंगामा

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फोटो संख्या- 33 व 34
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श्री सनातन धर्म संगठन के प्रधान पद के चुनाव पर दो गुटों में हंगामा
- भाजपा-कांग्रेस में बंटा नजर आया संगठन, वेद प्रकाश को प्रधान और पूर्व प्रधान को चेयरमैन घोषित करने पर भड़के समर्थक
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। श्री सनातन धर्म संगठन के प्रधान पद के चुनाव को लेकर ढाई घंटे तक हंगामा हुआ। हंगामे के बाद संगठन दो गुटों कांग्रेस-भाजपा के बीच बंटा नजर आया। चुनाव अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा ने मंच से 40 सालों से संगठन के साथ जुड़े वेद प्रकाश शर्मा को प्रधान और पूर्व प्रधान सूरज पहलवान को चेयरमैन घोषित किया तो शर्मा व पहलवान समर्थक भड़क गए और हंगामे पर उतारू हो गए। बार-बार अपील करने पर भी श्री महाबीर दल मंदिर के सभागार में मौजूद संगठन के करीब 600 सदस्य आपस में कानाफुसी में लग गए। जहां शर्मा समर्थक प्रधान पद से संतुष्ट नजर आए वहीं पहलवान समर्थक खफा नजर आए।
संगठन की बैठक महाबीर दल मंदिर के सभागार में शाम चार बजे शुरू की गई थी। इसमें महासचिव सतनाम दास मिगलानी व कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा ने आय-व्यय का ब्योरा दिया। प्रधान सूरज पहलवान ने अपने पद से इस्तीफा देकर कार्यकारिणी भंग करने की घोषणा की। आम सभा में तीन चुनाव अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा, रमेश नांगरू व तरुण गांधी को बनाया गया। प्रधान के लिए वेद प्रकाश शर्मा, सूरज पहलवान व सुभाष बठला के नाम आए। सुभाष बठला ने यह कहकर अपना नाम वापिस लिया कि अगर सूरज पहलवान प्रधान बनते हैं तो उनका समर्थन उनके साथ है।
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सभागार में पहले कहा गया था कि संगठन में इलेक्शन कभी नहीं हुआ है। इसलिए आज भी सेलेक्शन होगा। इस चुनाव में राजनीति होती नजर आई। जहां विधायक रोहिता रेवड़ी समर्थक वेद प्रकाश शर्मा के साथ नजर आए वहीं सूरज पहलवान के साथ कांग्रेस नेता बुल्ले शाह समर्थक खुलकर सामने आये। आखिरकार संगठन दो गुटों में बंट कर रह गया। सूरज पहलवान ने माइक पकड़ कर भरी सभा में कहा कि वे सेलेक्शन नहीं मानते अब तो चुनाव होगा। चुनाव अधिकारी भी अपना कोई अंतिम निर्णय नहीं दे पाए तो बाद में प्रधान पद के दावेदार वेद प्रकाश शर्मा व सूरज पहलवान से 5-5 सदस्यों के नाम लिए गए। जो चुनाव अधिकारियों के साथ बैठकर विवाद को सुलझाएंगे। इससे सदस्यों में रोष पाया गया। सदस्यों का कहना था कि अब संगठन में राजनैतिक पार्टियां घुस आई हैं। भविष्य में इसके अच्छे संकेत नहीं हैं। सभा में संत ब्रह्मऋषि, डॉ. रमेश चुघ, पं. निरंजन पाराशर, शशी भाटिया, हर गोविंद नारंग, भीम सचदेवा, सूरज दुरेजा, रमेश माटा, सतीश गुप्ता, अशोक कैलाशी, रघुबीर धीमान, इशम पांचाल, हरीश शर्मा, राजकुमार माजरी, सुरेंद्र धीमान, विकास गोयल, चंद्रभान वर्मा, डॉ. महेंद्र शर्मा, सुनील सोनी, अनिल शर्मा व संजय वर्मा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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