रिशपुर स्कूल में राशन न बनने पर अभिभावकों ने किया रोष प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
सनौली। राजकीय प्राथमिक स्कूल रिशपुर में अध्यापकों द्वारा मिड-डे-मिल हटाने का विवाद गहरा गया हैं। दूसरे दिन भी स्कूल में अध्यापकों द्वारा बच्चों के लिए राशन बनाने की सामग्री ना देने पर स्कूल में राशन ना बनाए जाने से खफा अभिभावकों ने स्कूल के गेट पर दो घंटे धरना दिया और प्रशासन व सरकार से बच्चों के लिए राशन बनाने की मांग की। साथ ही अध्यापकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाही की मांग की।
मामला बढ़ता देख दोपहर बाद गांव के सरपंच रवींद्र रावल स्कूल में पंचायत के साथ पहुंचे और अध्यापकों को स्कूल का राशन बनवाने की सामग्री महिलाओं को दिलवाई और बच्चों के लिए राशन बनवाया। इसके बाद छुट्टी होने से कुछ मिनट पहले बच्चों को राशन मिल पाया। इस पर सरपंच रवींद्र रावल ने अध्यापकों को कहा कि वे हर रोज राशन बनवाएं। शिक्षा विभाग जांच कर जो निर्णय करेगा उसका पालन किया जाएगा। स्कूल में अध्यापकों और राशन बनाने वाली महिला संतोष को हटाने का मामला तुल पकड़ता जा रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा इस मामले को लेकर तीन महिला स्कूल इंचार्जों को जांच कर रिपोर्ट सौंपने की ड्यूटियां लगाई गई है। जो एक सप्ताह तक जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौपेंगे। मंगलवार को स्कूल खुलने पर अध्यापक और मिड-डे-मिल का राशन बनाने वाली तीनों महिलाएं स्कूल में पहुंच गई। स्कूल में अध्यापक बच्चों को पढ़ाने में लगे रहे और राशन बनाने वाली महिलाएं 11 बजे तक राशन का इंतजार करती रही। इसी दौरान स्कूल में पहुंचे बच्चों के अभिभावक राशन नहीं बनाने पर भड़क गए और स्कूल के बाहर अभिभावकों ने मुख्य गेट के सामने सड़क पर बैठ धरना दिया। करीब दो घंटे तक धरना देकर रोष जताया। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार का कहना है कि स्कूल में अध्यापकों और मिड-डे-मिल राशन बनाने वाली महिलाओं का आपसी विवाद चल रहा है। इसकी जांच केलिए अब राजकीय स्कूलों से तीन महिला इंचार्ज की टीम गठित की गई है। जांच रिर्पोट के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। स्कूल में बच्चों को मिड-डे-मिल का राशन बनाया जाना चाहिए।