पानीपत। स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को सिविल अस्पताल सहित जिले के 15 केंद्रों पर प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत जांच शिविर लगाया गया। यहां 510 गर्भवती महिलाओं की जांच की। इनमें 65 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में खून की कमी मिली है, जबकि आठ प्रतिशत गर्भवती उच्च रक्तचाप से ग्रस्त मिली। आठ प्रतिशत यानि 40 गर्भवती हाई रिस्क डिलीवरी के दायरे में मिली।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हाई रिस्क डिलीवरी के दायरे में मिली गर्भवतियों को सिविल अस्पताल रेफर किया गया है। उच्च रक्तचाप की समस्या के कारण ही जिले में प्री मैच्योर व सिजेरियन डिलीवरी बढ़ रही है। सिविल अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की दर आठ प्रतिशत है। शिविर में डॉक्टरों और नर्सिंग ऑफिसर ने महिलाओं की जांच के साथ साथ उन्हें उनके स्वास्थ्य के बारे में जागरूक भी किया। उनको सरकारी सेवाओं की जानकारी दी गई। सबसे अधिक 120 महिलाओं की जांच सिविल अस्पताल में हुई। यहां दो डॉक्टरों और पांच नर्सिंग ऑफिसर ने गर्भवतियों की जांच की।
स्वास्थ्य विभाग हर माह की नौ तारीख को मातृत्व शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत जांच शिविर लगाता है। पांच साल में डिलीवरी के दौरान 80 से अधिक गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी हे। इन कैंपों के बावजूद आज भी जिले की 65 फीसदी गर्भवती महिलाओं में खून की कमी है। नतीजा प्रीमैच्योर डिलीवरी की संख्या बढ़ गई है। रोज औसतन तीन-चार शिशु प्रीमैच्योर पैदा हो रहे हैं। प्रीमैच्योर डिलीवरी से अंधेपन का खतरा भी बढ़ रहा है। कैंप में डॉक्टर गर्भवतियों को सरकारी सेवाओं के बारे में जागरूक करते हैं ताकि सरकारी सेवाओं का फायदा उठाया जा सके।
वर्जन :
महिलाओं को सरकारी सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। उनका प्रयास है गर्भवतियों को सरकारी सेवाओं के बारे में पता चले और उन्हें इसका लाभ मिले। अभियान के अंतर्गत 510 महिलाओं की जांच की। अब जिले में 15 स्वास्थ्य केंद्रों में डिलीवरी भी हो रही है।
डॉ. जयंत आहूजा , सिविल सर्जन पानीपत।