6.5 प्रति एकड़ व अधिकतम 25 क्विंटल सरसों खरीद की सीमा खत्म करने की मांग
पानीपत। अनाज मंडी में 28 मार्च को पहली बार सरसों की सरकारी खरीद हैफेड द्वारा शुरू की गई थी। वहीं वीरवार, शुक्रवार व शनिवार को मंडी में किसानों की 300 से 350 क्विंटल सरसों प्रतिदिन बिकने के लिए आ रही है। वहीं कुछ एक किसानों को छोड़कर ज्यादातर किसानों की सरसों की खरीद ब्लॉक व गांव वाइज हैफेड द्वारा की जा रही है। लेकिन हैफेड के जिला प्रबंधक द्वारा निकाले गए पत्र के अनुसार एक एकड़ में किसान की अधिकतम 25 क्विंटल सरसों की एक दिन में खरीदी की जाएगी। इससे यदि किसी किसान कि ज्यादा सरसों है तो वह खरीदी नहीं जा रही है। इसी को लेकर अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान धर्मबीर मलिक ने सरकार व हैफेड अधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि हैफेड द्वारा लगाई गई इस शर्त को वापस लिया जाए। क्योंकि किसी किसान की इससे ज्यादा सरसों होगी तो उसे कौन खरीदेगा।
शनिवार को आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान धर्मबीर मलिक व पानीपत मार्केट कमेटी के वाइस चेयरमैन रोशन लाल छौक्कर व अन्य आढ़तियों ने अनाज मंडी में सरसों की खरीद का निरीक्षण किया। वहीं धर्मबीर मलिक ने कहा कि हैफेड ने सरसों की सरकारी खरीद को लेकर 28 मार्च से लेकर 10 अप्रैल तक का ब्लॉक व गांव वाइज शेडयूल बनाया है, वह सही नहीं है। जिस भी ब्लॉक के गांव का जिस दिन शेडयूल के अनुसार नंबर हो और वह किसान उस दिन सरसों लेकर नहीं आता तो उसकी सरसों कैसे बिकेगी। इसलिए वे सरकार से मांग करते है कि जिस भी किसान ने सरसों का रजिस्ट्रेशन करवाया है तो उसकी सरसों बिकनी चाहिए और उसे छूट होनी चाहिए कि वह किसी भी दिन मंडी में लेकर आए। ज्ञात हो कि जिला में 496 किसानों ने करीब 711 हेक्टेयर सरसों का रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है। वैसे अब सरकार द्वारा रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया है। वहीं धर्मबीर मलिक ने बताया कि अनाज मंडी में अब गेहूं का सीजन शुरू होने वाला है। अनाज मंडी में 24 घंटे बिजली, सफाई, स्ट्रीट लाइटें, पीने का पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं बंद पड़े सीवरों की सफाई करवाई जाए। इस अवसर पर उपप्रधान दुलीचंद, विक्की गर्ग, मनोज मलिक, दिलावर, बनी सिंह, सुरेंद्र मलिक, गुलाब, सरवर लाठर आदि मौजूद रहे।
क्या कहते हैं अनाज मंडी के वाइस चेयरमैन रोशन छौक्कर:
इस बारे में पानीपत अनाज मंडी के वाइस चेयरमैन रोशन छौक्कर ने कहा कि रजिस्ट्रेशन करवाने वाले सभी किसानों की सरसों खरीदी जाएगी। वहीं उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान का रजिस्ट्रेशन में नाम आदि को लेकर कुछ गलत मिलता है तो पानीपत मार्केट कमेटी कार्यालय में उसे सही करवाया जा सकता है। वहीं पटवारी की फर्द को भी ऑनलाइन किया गया है अब पटवारी मेरी फसल मेरा ब्यौरा वाला पोर्टल खोलकर किसान की सरसों की गिरदावरी की तस्दीक को ऑनलाइन चैक करके फीड कर देगा ताकि किसानों को पटवारी के चक्कर नहीं काटने पड़े।