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प्रति व्यक्ति 600 रुपये महंगाई को रहें तैयार

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पिछले दो माह में डीजल की दर में 7.81 प्रतिशत की वृद्धि मध्यवर्गीय और निम्न मध्यवर्गीय परिवारों पर भारी पड़ सकती है। इससे आम आदमी की रसोई पर ही 12.01 फीसदी का खर्च बढ़ जाएगा। माना जा रहा है कि डीजल में बढ़ोत्तरी से सभी उत्पादों के दाम आने वाले दिनों में बढ़ेंगे, क्योंकि माल भाड़ा बढ़ जाएगा। ट्रांसपोटर्स की मानें तो माल भाड़े में 15 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है, जिसका सीधा असर रिटेल में बिकने वाले तैयार माल पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्टेशन में बढ़ोत्तरी जितना ही खर्च 20 हजार रुपये मासिक आमदनी वाले एक परिवार का बढ़ गया तो 12.01 प्रतिशत के लिहाज से उसे महज भोजन पर ही करीब 2400 रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना होगा, यानी प्रति सदस्य करीब 600 रुपये का खर्च बढ़ सकता है।
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एक्सपर्ट के मुताबिक एक मध्यवर्गीय परिवार (माता-पिता और दो बच्चे) जिसके पास खुद का मकान है। उनका मासिक खर्च 20 हजार रुपये होता है। डीजल-पेट्रोल के दामों में हुई बढ़ोत्तरी से ऐेसे परिवारों की गृहस्थी पर प्रति माह करीब 2400 रुपये का बोझ बढ़ जाएगा। डीजल की दरों में बीते 50 दिन में 7.81 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि ट्रांसपोर्टेशन की लागत करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, जिससे खाने से लेकर पहनने तक का हर उत्पाद महंगा होगा। अगर मान लें कि ट्रांसपोर्टेशन (माल भाड़ा) में बढ़ोत्तरी के जितना ही फर्क पड़ा तो सिर्फ रसोई का ही मासिक खर्च करीब 1900 रुपये बढ़ जाएगा। इसमें रसोई गैस का खर्च और जोड़ लें। एक सिलिंडर करीब 20 दिन चलता है तो 30 दिन के लिए एलपीजी का खर्च 266 रुपये पहले ही बढ़ चुका और अगर रोज एक लीटर पेट्रोल भी परिवार इस्तेमाल करता है तो वर्तमान दरों के हिसाब से 201 रुपये की मासिक वृद्धि हो गई है। इस तरह प्रति माह करीब 2400 रुपये का खर्च एक सामान्य परिवार का बढ़ जाएगा, जोकि 20 हजार रुपये मासिक आय का 12.01 प्रतिशत है।
- डीजल की दर बढ़ने पर सीधा असर आम जनता पर पड़ता है
जब भी डीजल की दर बढ़ती है तो सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। कच्चा माल मंगाने और तैयार माल को जिले तक पहुंचाने और फिर जिले से पूरे शहर की रिटेल दुकानों तक उत्पाद को पहुंचाने की लागत बढ़ जाती है। यह सारी आवाजाही डीजल पर चलने वाले वाहनों से होती है। ऐसे में लोगों की गृहस्थी पर फर्क पड़ना तय है।
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- सीए भूपेंद्र दीक्षित, सचिव, आईसीएसीआईए
सिर्फ 90 किलोमीटर के भाड़े में 15 सौ से दो हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा
सिर्फ 90 किलोमीटर तक की दूरी पर माल पहुंचाने में ही माल भाड़े में इस वक्त 15 सौ से दो हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बुकिंग डीजल की कीमतें बढ़ने से पहले की हैं तो अब बढ़ा हुआ मालभाड़ा मिलेगा भी नहीं। सीधा नुकसान ट्रांसपोर्टर का है। नई बुकिंग में बढ़ी हुई मालभाड़े की कीमत को जोड़ने के बाद ही करना मजबूरी है।
- रमेश मलिक, ट्रांसपोर्टर
- बोलीं गृहिणियां
एलपीजी सिलिंडर आठ सौ रुपये का हो गया है, सब्सिडी के नाम पर खाते में एक रुपये आ रहे हैं। सिलिंडर भी सिर्फ 20 दिन ही चलता है। महंगाई बढ़ने से रसोई पर सीधा असर पड़ेगा। रसोई का खर्चा भी बढ़ता जा रहा है।
- अनीता देवी, गृहिणी, उग्राखेड़ी
- इसी तरह महंगाई बढ़ती रही तो रसोई चलाना मुश्किल हो जाएगा। रसोई गैस के साथ ही पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका असर घर के बजट पर पड़ना तय है।
- मुकेश देवी, गृहिणी, मतलौडा
- पिछले 12 दिन से रोज बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की दरें
लगातार 12 दिन से पेट्रोल और डीजल की कीमत लगातर बढ़ी है। इस वर्ष पहले दिन से लेकर रविवार को 52वें दिन तक डीजल की दर में 5.86 रुपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। चार फरवरी से रविवार तक 18 दिन में 4.16 रुपये और 9 फरवरी से लेकर रविवार तक 4.76 रुपये प्रति लीटर डीजल की दर बढ़ चुकी है। इसी तरह 52 दिन में पेट्रोल की दर प्रति लीटर 6.67 रुपये बढ़ चुुकी है। चार फरवरी से रविवार तक 3.82 रुपये और 9 फरवरी से रविवार तक 3.19 रुपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है।
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डीजल:
01 जनवरी: 75.07 रुपये
09 जनवरी: 76.17 रुपये
05 फरवरी: 77.07 रुपये
12 फरवरी: 78.33 रुपये
14 फरवरी: 79.51 रुपये
18 फरवरी: 80.22 रुपये
19 फरवरी: 80.56 रुपये
21 फरवरी: 80.93 रुपये
रसाई गैस:
01 नवंबर: 604.50 रुपये
01 दिसंबर: 655.20 रुपये
16 दिसंबर: 707.80 रुपये
04 फरवरी: 731.20 रुपये
15 फरवरी: 781.80 रुपये
पेट्रोल:
01 जनवरी: 81.20 रुपये
27 जनवरी: 83.74 रुपये
01 जनवरी: 81.20 रुपये
04 फरवरी: 84.07 रुपये
11 फरवरी: 85.23 रुपये
14 फरवरी: 86.09 रुपये
18 फरवरी: 87.21 रुपये
21 फरवरी: 87.89 रुपये
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