संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। केंद्र सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत कराए गए सर्वे में जिले के चार प्रमुख सब-डिवीजनों में बिजली ढांचे की गंभीर खामियां मिली हैं। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, जिले में अब तक 521 ट्रांसफार्मर ओवरलोड पाए गए हैं जबकि करीब 360 किलोमीटर बिजली तार जर्जर स्थिति में मिले हैं। इसके अलावा करीब 11 हजार बिजली खंभों की ऊंचाई भी मानकों से कम पाई गई है, जिससे हादसों की आशंका बनी हुई है।
पानीपत की बिजली व्यवस्था में सुधार करने के लिए सभी 11 सब-डिवीजन में सर्वे चल रहा है। बिजली निगम ने सिटी, मॉडल टाउन, समालखा और सब-अर्बन-1 सब-डिवीजन में सर्वे पूरा कर लिया है। इन क्षेत्रों में कुल 694 स्थानों पर जांच के दौरान 294 ट्रांसफार्मर अत्यधिक लोड में मिले। निगम अधिकारियों के अनुसार, इन कमियों को दूर करने के लिए 80.52 करोड़ रुपये से सुधार कार्य किया जाएगा। मई माह से कार्य शुरू होने की संभावना है। सर्वे में सामने आया कि मॉडल टाउन क्षेत्र में सबसे अधिक 349 स्थानों पर खामियां मिलीं जबकि समालखा में 125, सिटी में 107 और सब-अर्बन-1 में 109 स्थानों पर सुधार की जरूरत है। कई ट्रांसफार्मरों की क्षमता दोगुनी तक बढ़ाई जाएगी। साथ ही 11 हजार नए खंभे लगाए जाएंगे। बिजली निगम का दावा है कि सुधार के बाद उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और सुरक्षित आपूर्ति मिलेगी।
यहां हटेंगे तार : शहर के प्रमुख बाजारों, कॉलोनियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से पुराने व जर्जर तार हटाकर नई केबल बिछाई जाएंगी। इंसार बाजार, पचरंगा बाजार, पालिका बाजार, किला रोड, मॉडल टाउन, सेक्टर-11/12, तहसील कैंप, बरसत रोड और समालखा क्षेत्र सहित अनेक स्थानों पर अंडरग्राउंड या आधुनिक केबलिंग की जाएगी।
अपग्रेड होंगे ट्रांसफार्मर : चारों सब डिविजन में 400 से अधिक ट्रांसफार्मर अपग्रेड किए जाएंगे। इनमें समालखा में 138, सब-अर्बन में 76, मॉडल टाउन में 66 और सिटी सब-डिवीजन ट्रांसफार्मर अपग्रेड किए जाएंगे।