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भाकीयू ने शुगर मिल के निर्माण को हरी झंड़ी को बताया किसानों के आंदोलन की जीत

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शुगर मिल के निर्माण को हरी झंडी को बताया किसानों के आंदोलन की जीत
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पानीपत। भारतीय किसान यूनियन के नवनियुक्त प्रदेश महासचिव चुहड़ सिंह रावल व जिलाध्यक्ष सत्यनारायण बांगड़ ने गांव डाहर में मिल निर्माण की मंजूरी मिलने बाद पुरानी मिल परिसर में किसानों के साथ भाकियू के बैनर तले खुशी मनाते हुए कहा कि भाकियू के आंदोलन के बाद किसानों की जीत हुई। लंबे अर्से से करनाल व पानीपत सहकारी शुगर मिलों के नवीनीकरण हेतू भारतीय किसान यूनियन (रजि.)के बैनर तले किया किसान आंदोलन आखिरकार रंग ले ही आया। जनपद के गांव डाहर में अत्याधुनिक रूप से स्थापित किया जाने वाले पानीपत सहकारी शुगर मिल के लिए राज्य स्तरीय उच्च खरीद समिति की ओर से गत 18 फरवरी को चंडीगढ़ में मंजूरी प्रदान कर दी गई है। जिसके उपरांत शुगर मिल बनाने का रास्ता साफ हो गया है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो आगामी वर्ष के चालू गन्ना पिराई सीजन की नए मिल की ट्रायल शुरू हो जाएगी।
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भाकियू नेता रावल व जिला महासचिव ऋषिपाल नांदल ने बताया कि गत एक फरवरी से 12 फरवरी तक पानीपत व करनाल के किसानों का सामुहिक तौर पर धरना प्रदर्शन करनाल सहकारी शुगर मिल के बाहर किया था। आंदोलन के 12वें दिन में दोनों मिलों के लगाने की प्रक्रिया पर प्रशासनिक अधिकारियों व किसान नेताओं के बीच धरना स्थल पर आधिकारिक तौर पर लिखित फैसला हो गया था। इस बीच भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने इसे किसान आंदोलन की जीत बताते हुए कहा कि शांतिप्रिय व प्रजातांत्रिक ढ़ंग से किए जाने वाले किसान आंदोलन की हमेशा जीत होती है। किसान नेता मान ने कहा कि आगामी 21 फरवरी को करनाल मिल के नवीनीकरण को लेकर मिल के प्रशानिक अधिकारियों व भाकियू नेताओं के बीच करनाल मिल में अंतिम बैठक का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें करनाल मिल लगने का रास्ता साफ हो जाने की उम्मीद है। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव चुहड़ सिंह रावल, जिला संरक्षक बलजीत सिंह राठी, जिलाध्यक्ष सत्यनारायण बांगड़, जिला महासचिव ऋषिपाल नांदल, जितेंद्र सिंह धनसौली, नीरज नींबरी, सचिन कादियान सिवाह, सुखबीर नारायणा, संजीत आटा, विकाश छाजपुर, रवींद्र नवादा, सुरेंद्र बिहोली, राजबीर उंटला, पालेराम पट्टी कल्याणा, सतीश सनौली, बन्टी सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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