बिना ड्राइवर के शंटिंग इंजन चलने के मामले की तीन सदस्यीय कमेटी गठित
अमर उजाला ब्यूरो
थर्मल। पानीपत थर्मल पावर स्टेशन में शंटिंग इंजन चलने के मामले में थर्मल व रेलवे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। थर्मल अधिकारियों ने इस मामले की जांच को लेकर तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। वहीं रेलवे अधिकारियों ने मौका मुआयना कर स्थिति को जांचा। इंजन चलने से दो सगे भाई बाल-बाल बच गए थे।
गांव आसन कंला जाने वाली सड़क पर स्थित फाटक पर नौ फरवरी को थर्मल का एक शंटिंग इंजन बिना ड्राइवर के दौड़ पड़ा था। जिसकी चपेट में आने से दो सगे भाई बाल-बाल बच गए थे। इस मामले में थर्मल प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। जो कि एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। उसके बाद ही थर्मल प्रशासन दोषी लोगों पर कार्रवाई करेगा। वहीं रेलवे के दिल्ली में बैठे अधिकारियों ने पूरे मामले की रिपोर्ट ली। कई अधिकारियों के दल ने थर्मल रेलवे स्टेशन का मौका मुआयना भी किया।
गौरतलब है कि शुक्रवार नौ फरवरी को सुबह के समय एक शंटिंग इंजन ड्राइवर ने कोयले से भरा रैक कोल मिल के पास खाली कर उसे चालू हालात में छोड़ दिया था। जो कि अपने आप एक किलोमीटर तक चला और इंजन रेलिंग तोड़ता हुआ निकल गया। वहां पर खड़े राजपाल यादव ने इंजन की गति कम होने पर उसको रोका। उसके बाद थर्मल प्रशासन उस इंजन को ले गया और टूटे गेट की मरम्मत करवा दी। इस बारे में थर्मल के चीफ इंजीनियर सतीश कुमार वधवा ने बताया कि प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।