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-डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में बतौर रेसलिंग कोच कार्यरत है संतोष देवी

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फोटो -9 व 10
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लॉस एंजेल्स के पुलिस एंड फायर गेम में संतोष ने जीता गोल्ड
- 63 किलोग्राम भार वर्ग में टर्की की रेसलर को हराकर किया खिताब पर कब्जा
- रेसलर संतोष देवी के मायके गांव सिवाह और ससुराल गांव बलाना में जश्न का माहौल

अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
लॉस एंजेल्स में चल रही पुलिस एंड फायर गेम्स में पानीपत की रेसलर संतोष देवी ने 63 किलोग्राम भारवर्ग में अपने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को पछाड़ते हुए गोल्ड पर कब्जा किया। वहीं 63 प्लस किलोग्राम भारवर्ग में ब्रांज मेडल हासिल किया। संतोष देवी की इस उपलब्धि पर उनके मायके गांव सिवाह और ससुराल गांव बलाना में जश्न का माहौल है। संतोष देवी हाल में डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में रेसलिंग कोच हैं।
संतोष देवी के भाई संदीप शर्मा ने बताया कि उसकी बहन चार अगस्त को वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम में हिस्सा लेने के लिए लॉस एंजेल्स रवाना हुई थीं। जहां अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर 63 किलोग्राम भार वर्ग में टर्की की रेसलर को पटखनी दी और गोल्ड पर कब्जा जमाया। वहीं 63 प्लस भारवर्ग में ब्रांज मेडल हासिल किया।
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संदीप शर्मा ने बताया कि लॉस एंजेल्स में चली रही प्रतियोगिता के दौरान पूरा परिवार गेम पर आंखें जमाए हुए था। संतोष ने जैसे ही विजयी दांव लगाया। पूरा परिवार खुशी से उछल पड़ा। संतोष देवी के एक साथ गोल्ड व ब्रांज मेडल पर कब्जा जमाने के बाद मायके गांव सिवाह व ससुराल गांव बलाना में जश्न का माहौल है। रिश्तेदार व ग्रामीणों का बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है।

बचपन से ही रेसलिंग का जुनून
परिजनों ने बताया कि संतोष के दादा रूपचंद ने उसे रेसलिंग के लिए प्रेरित किया। दादा की प्रेरणा से ही संतोष ने बचपन में ही रेसलिंग में जाने का मन बना लिया था। इसके लिए वह घंटों मेहनत करती थी। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उसने कठोर परिश्रम के बल पर गोल्ड, सिल्वर व ब्रांज मेडल पर कब्जा किया। वर्ष 2002 में वह पुलिस के लिए चयनित हो गई। दो माह पहले ही करनाल से पोस्टिंग होकर पानीपत आई है।

ससुराल से मिला पूरा सहयोग
संतोष की शादी वर्ष 2005 मेें गांव बलाना निवासी अनिल के साथ हुई थी। शादी के बाद भी उसने रेसलिंग जारी रखी। इसके लिए उसके पति अनिल व ससुराल पक्ष का पूरा सहयोग मिला। शादी के बाद उसे एक बेटी हुई, जो इस समय पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। संतोष का कहना है कि पहले मायका और बाद मेें ससुराल की तरफ से पूरा सहयोग मिला। उसने उनके दम पर ही आज यह उपलब्धि हासिल की है।
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डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में है रेसलिंग कोच
संतोष ने बताया कि उसने पटियाला से कोच का प्रशिक्षण लिया था। कोच का प्रशिक्षण लेने के बाद वह ग्लासगो में आयोजित कॉमन वेल्थ गेम में टीम के साथ बतौर कोच गईं थीं। उसके नेतृत्व में खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया था। करनाल से दो माह पहले ही उनकी पोस्टिंग पानीपत मेें हुई है। यहां बतौर हेड कांस्टेबल अपनी ड्यूटी ज्वाइन की थी। डीजीपी के आदेश पर उन्हें डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में बतौर रेसलिंग कोच नियुक्त किया है। डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल प्रिंसिपल अनुपमा सिन्हा ने उनकी जीत पर खुशी जताई है। प्रिंसिपल ने बताया कि उनका स्कूल में पहुंचने पर सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
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