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निष्कासित कार्यकर्ता बोले भाजपा में थे हैं और भाजपा में ही रहेंगे

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भाजपा से निष्कासित सदस्य बोले, जिलाध्यक्ष की वजह से पार्टी हुई दो फाड़
- भाजपा में थे, हैं और रहेंगे भी, पार्टी हाईकमान से मिलकर जिलाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की रखेंगे मांग
- संघर्ष समिति के बैनर तले जलाया था पुतला, भाजपा सदस्य के नाते नहीं

अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। भाजपा से निष्कासित पदाधिकारियों जिलाध्यक्ष के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है और जिलाध्यक्ष प्रमोद विज पर पार्टी को दो फाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के साथ थे, हैं और साथ रहेंगे। उन्होंने हाईकमान ने जिलाध्यक्ष का इस्तीफा लेने की मांग की है।
उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का पुतला भाजपा कार्यकर्ता के नाते नहीं बल्कि संघर्ष समिति के पदाधिकारी होने के नाते फूंका था। उन्होंने खुलासा किया कि पुतला फूंकने वालों में पार्षद हरीश शर्मा समेत दो कार्यकर्ता भी शामिल थे, लेकिन जिलाध्यक्ष ने उन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। वे आज भी संघर्ष समिति के माध्यम प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
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भाजपा से निष्कासित छह पदाधिकारियों में से चार पदाधिकारी व किसान मोर्चा के तहसील कैंप मंड सदस्य सुरेश कुमार मंगलवार को पूरे मामले को लेकर मीडिया से रूबरू हुए। तहसील कैंप मंडल उपाध्यक्ष सुखदेव सिंह व सचिव सरेश नारंग ने बताया कि संघर्ष समिति के बैनर तले रविवार को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला का पुतला फूंका था। बराला के लड़के द्वारा चंडीगढ़ में आईएएस की लड़की के साथ छेड़छाड़ की और उसका पीछा भी किया। जिलाध्यक्ष प्रमोद विज ने उनको इस पूरे मामले को लेकर किसी तरह का नोटिस जारी नहीं किया, बल्कि उनको सीधा निष्कासित कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत की इसी धरती से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया था। आज उसी जिले की बेटी के साथ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष के बेटे ने चंडीगढ़ में छेड़छाड़ तक की। उन्होंने कहा कि विकास बराला का गुनाह मीडिया दिखा रहा है और भाजपा के ही कुछ नेता बराला को बचाने में लगे हुए हैं।

विज से पहले भाजपा एकजुट थी, आज दो फाड़
उन्होंने कहा कि प्रमोद विज के जिलाध्यक्ष बनने से पहले भाजपा एकजुट थी, लेकिन उनके आने के बाद पार्टी दो फाड़ हो गई है। सुभाष बराला का पुतला फूंकने के मामले में पार्षद हरीश शर्मा व हरीश काठपाल भी शामिल थे, लेकिन जिलाध्यक्ष ने उनको बचा लिया। राजेंद्र जिंदी ने बताया कि उन्होंने हरीश शर्मा के साथ पार्षद के चुनाव में टक्कर होने की बात कही थी। हरीश शर्मा ने नेताओं से मिलकर उनको निष्कासित करा दिया। वे भाजपा के लिए निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं, लेकिन कुछ नेता उनको तोड़ने की कोशिश में हैं। वे अपनी बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने भी रखेंगे।

पांच महिला नेत्रियों को नेता के एक फोन पर ले लिया वापस
निष्कासित पदाधिकारियों ने कहा कि जिलाध्यक्ष प्रमोद विज ने महिला मोर्चा की पांच पदाधिकारियों को नोटिस दिया था और उनको पार्टी से निकालने के आदेश दिए थे। उन्होंने एक नेता के कहने पर अपना फैसला रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि वे संघर्ष समिति के माध्यम मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के इस्तीफे की मांग करते हैं। चंडीगढ़ पुलिस को भी इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए उचित धाराओं को लगाना चाहिए।
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वर्जन
मेरे पास निष्कासित छह पदाधिकारियों के खिलाफ पार्टी की अनुशासनहीनता के पुख्ता सबूत हैं और इन सबूतों के आधार पर इनको नोटिस देना उचित नहीं समझा गया। इसी को देखते हुए इनको निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी का कोई दूसरा पदाधिकारी किसी तरह की अनुशासनहीनता करता है तो उस पर भी इसी तरह से कार्रवाई की जाएगी। वे पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को अपने परिवार की तरह लेकर चल रहे हैं। पार्टी में उनसे कोई परेशान नहीं हैं। मनमर्जी चलाने वाले कुछ लोग जरूर परेशान होंगे।
-प्रमोद विज, जिलाध्यक्ष, भाजपा।
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