पानीपत। अवध धाम हनुमंत जन्मोत्सव समिति की ओर से हनुमान जन्मोत्सव पर 12 अप्रैल को ऐतिहासिक किले से ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा के दौरान नगर के 101 स्थान पर 51 फीट हनुमत ध्वज का अभिनंदन होगा। एक ऐतिहासिक शोभायात्रा की तैयारी के संदर्भ में शनिवार को एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में शोभायात्रा के विभिन्न पहलुओं पर पदाधिकारियों ने अपने-अपने विचार साझा किए।
करनाल लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद संजय भाटिया ने कहा कि 101 स्थान पर 51 फीट हनुमान ध्वज का अभिनंदन किया जाएगा। 151 फीट के हनुमंत ध्वज को विद्वान ब्राह्मणों की ओर से एवं दाऊजी महाराज के सानिध्य में मंत्र उत्तरायण करके पहले पूजित एवं सिद्ध किया जाएगा। इसके बाद नगर परिक्रमा के लिए बालाजी के भक्ति ध्वज को लेकर यात्रा में हनुमान रथ के आगे-आगे चलेंगे। उन्होंने कहा कि हनुमान जन्मोत्सव शोभायात्रा को लेकर लोगों में उत्साह है। नगर में जितनी भी शोभायात्रा निकलेगी, उन सभी का विभिन्न स्थानों पर स्वागत होगा।
अद्भुत होगी हनुमंत ध्वज रथयात्रा : श्री हनुमंत ध्वज रथ शोभायात्रा के संयोजक एवं अवध धाम हनुमंत जन्मोत्सव समिति के संयोजक समाजसेवी संजय अग्रवाल ने बताया कि नगर के ऐतिहासिक किले से निकलने वाली हनुमंत ध्वज रथयात्रा अद्भुत होगी।
महिलाएं एक ही वेशभूषा में आकर मंगल-कलश अपने सिर पर धारण करके नगर परिक्रमा के लिए निकलेंगी। ऐसा पानीपत के इतिहास में पहली बार होगा कि इतनी अधिक संख्या में शोभायात्रा में महिलाएं अपने सिर पर कलश धारण करके निकली हो। विभिन्न संस्थाओं से इस विषय में बात की गई है। नगर की सभी धार्मिक, सामाजिक संस्थाएं ऐतिहासिक ऐतिहासिक यात्रा का अभिनंदन करेंगी।
इस अवसर पर यात्रा के सहसंयोजक सुरेंद्र गर्ग, डॉ. हेमा रमन, गोपाल तायल, पार्षद नवल जिंदल, विशाल वर्मा, अवध धाम से पं. वेद पाराशर, प्राण रत्नाकर, पार्षद रोकी गहलोत ने भी अपने विचार रखे। 51 फीट का ध्वज बनाने का दायित्व प्रमोद मित्तल को दिया गया है। ईशु गोयल को सभी धार्मिक संस्थाओं से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी।
101 किलो के मीठे चावल का भोग लगाएंगे व्यापारी : संजय अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी 101 किलो किलो के मीठे चावल बनाकर भोग लगाएंगे। किला मैदान को मेले का रूप देने की तैयारी की जा रही है ताकि इस यात्रा को और भी रोमांचित किया जा सके। बाजार के प्रधानों से संपर्क सादा जा रहा है ताकि बाजार के सभी प्रधान भी इस ऐतिहासिक क्षण से लाभान्वित हो सके। सभी संस्थाएं इसमें बढ़़-चढ़कर हिस्सा लेंगी। हिंदू संगठन भी इस शोभायात्रा में लोगों को रोमांचित करेंगे।