माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम का ड्रेन नंबर-1 के साथ सेक्टर-12 क्षेत्र में वीरवार को लगातार दूसरे दिन अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। दोपहर बाद करीब तीन घंटे तक हाउसिंग बोर्ड में ड्रेन के दोनों तरफ करीब 50 निर्माण तोड़े। इस दौरान स्थानीय निवासियों की शिकायतों और तीखे विरोध का सामना करना पड़ा।
लगभग 20 निवासियों ने अपने मकान 20 से 30 वर्ष पुराने होने, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से अलॉटमेंट, नक्शा पास और कंप्लीशन सर्टिफिकेट होने का दावा किया। उन्होंने नगर निगम की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। लोगों ने आरोप लगाया कि बिना सही सीमांकन (निशानदेही) के उनके वैध निर्माणों को निशाना बनाया जा रहा है। इस कार्रवाई के दौरान स्कूल, अस्पताल, मंदिर, सरकारी डिस्पेंसरी और आश्रम की दीवारें भी निगम के बुलडोजर की जद में आ गईं।
नगर निगम की टीम ने वीरवार को दोपहर बाद करीब दो बजे सेक्टर-12 नवांकोट गुरुद्वारा के नजदीक से शुरू की। एक चहारदीवारी को गिराया। इससे आगे गगन और पंकज का हाउसिंग बोर्ड द्वारा दिए मकान गिराने लगे। उन्होंने अपने डॉक्यूमेंट दिखाए। टीम ने कुछ हिस्सा तोड़कर बाकी मकानों को छोड़ दिया। गगन ने बताया कि उनके पूरे मकान पर 26 फीट का निशान लगाया गया है। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड से लिया था। इसके बाद यहां एक ईंट तक नहीं लगाई है। इससे आगे एक नैनो पार्क की फेंसिंग को तोड़ा गया।
प्रवीण मित्तल ने बताया कि उनके मकान पर नौ फीट का निशान लगाया गया है। उनके मकान के हाउसिंग बोर्ड से पक्के कागज हैं। उनका 20 साल पहले अलॉटमेंट हुआ था। टीम ने इसके साथ एक गली में बनाई दीवार को तोड़ दिया। टीम इसके आगे मनोज कुमार के मकान पर कार्रवाई के लिए पहुंची। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से संबंधित दस्तावेज दिखाए। अमेजिंग इंटरनेशनल स्कूल को नोटिस दिया गया था। स्कूल प्रबंधन की मांग पर टीम ने मौके पर पैमाइश की। यह कागजों के अनुसार सही पाई।
स्कूल का मुख्य गेट बाहर बनाया गया था। टीम ने गेट का बाहरी हिस्सा तोड़ दिया। सारिका के मकान पर 22 फीट का निशान लगाया गया था। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा लगाए निशान में पूरा मकान आ जाएगा। उनके पास पक्के कागज हैं। टीम ने इसे छोड़ दिया। इससे आगे एक मकान की चहारदीवारी गिराई गई। संकट मोचन हनुमान मंदिर का काफी हिस्सा कब्जे में मिला। मंदिर के पिछले हिस्से की चहारदीवारी को तोड़ दिया गया। इससे आगे पवनंजलि अस्पताल का रैंप बाहर बनाया गया था। इसका कुछ हिस्सा गिरा दिया गया।
अस्पताल संचालक चिकित्सक ने मरीजों का हवाला देकर कुछ समय मांगा है। टीम ने बलजीत नगर नाका से ड्रेन की दूसरी तरफ कार्रवाई शुरू की। स्वास्थ्य विभाग की सरकारी डिस्पेंसरी और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेक्टर-12 स्थित आश्रम की चहारदीवारी भी कब्जे में पाई गई। इस पर कार्रवाई करते हुए दीवारों का कुछ हिस्सा ढहा दिया गया। आश्रम प्रबंधन ने भी बचा हुआ हिस्सा स्वयं हटाने का आश्वासन दिया।
तोड़फोड़ रोकने और दोबारा पैमाइश की मांग
पूर्व पार्षद रविंद्र भाटिया स्थानीय लोगों के साथ आगे आए। उन्होंने अलॉटमेंट लेटर दिखाए। स्थानीय लोगों ने कहा कि निगम प्रशासन को तोड़फोड़ तुरंत रोक देनी चाहिए। राजस्व विभाग और एचएसवीपी के अधिकारियों के साथ मिलकर जमीनों की नए सिरे से संयुक्त निशानदेही कराई जाएं। वास्तविक और वैध स्थिति स्पष्ट हो सके। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शिकायतों और दस्तावेजों की जांच तहसील कार्यालय और एचएसवीपी के मूल रिकॉर्ड से कराई जाएगी।वर्जन :
ड्रेन नंबर-1 के सुंदरीकरण और सफाई अभियान लगातार जारी है। जिला नगर योजनाकार व ड्यूटी मजिस्ट्रेट गोपाल कलावत के अलावा निगम की पूरी टीम इसमें लगाई गई है। महिलाओं और स्थानीय लोगों ने कई बार बुलडोजर के सामने आकर नारेबाजी की और काम रोकने की कोशिश की। भारी पुलिस बल और महिला पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया। इस दौरान 50 कब्जे हटाए गए। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।
ड्रेन किनारे स्कूल में कब्जा हटाने पहुंची टीम, स्कूल में रोती दिखी शिक्षिका। संवाद
ड्रेन किनारे स्कूल में कब्जा हटाने पहुंची टीम, स्कूल में रोती दिखी शिक्षिका। संवाद