दीपेंद्र मोटवानी
पानीपत। बारिश के मौसम में जिले में सांप काटने के मामले तेजी से बढ़े हैं। 37 दिन में नागरिक अस्पताल में 49 मामले सांप के काटने के पहुंचे हैं। इन सभी मरीजों को एंटी स्नेक वैमन डोज देकर उनकी जान बचाई गई।
दो लोग चार दिन तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद स्वस्थ हुए। वहीं सर्प दंश से महिला समेत दो की मौत भी हुई है। इन दोनों मरीजों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां मौत होने के बाद परिजन शव लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे थे।
चिकित्सकों का कहना है कि सांप काटने पर घबराएं नहीं, मरीज को तुरंत नागरिक अस्पताल में भर्ती कराएं। देरी होने पर जान जाने का खतरा रहता है। जिले में वर्ष 2024 में 87 मामले सामने आए थे। इस बार यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। जुलाई माह में 39 और अगस्त में छह दिन में ही 10 मरीज नागरिक अस्पताल पहुंचे। ज्यादातर मामलों में आउटर वाली कॉलोनियों, फैक्टरियों के आस-पास झुग्गी में रहने वाले लोग सर्प दंश का शिकार हुए हैं। अच्छी बात यह है कि नागरिक अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को एंटी स्नेक वैमन डोज से बचाया गया है। नागरिक अस्पताल में अगस्त माह में सांप काटने के 10 मामले पहुंचे हैं। इनमें दो मरीज खलीला निवासी मोहित और बाल जाटान निवासी उमेश कुमार को तीन दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया। इसके बावजूद दोनों की जान बच गई। वन्य एवं प्राणी विभाग के निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि पानीपत में सात प्रजातियों के सांप हैं। इनमें कोबरा, रेट स्नैक, रस्ल, क्रेट व रॉयल एडिड किस्म हैं। इनमें क्रेट नस्ल के सांप अधिक हैं। इसमें भी पीले व काले रंग का होता है।