सिवाह बाईपास के पास कार सवार बदमाशों ने श्रमिक को डंडों से पीटकर उससे 42 हजार रुपये लूट लिए। श्रमिक की नाक से खून बहने लगा तो बदमाशों ने 20 रुपये उसे देकर कहा कि अस्पताल में इलाज करा लेना। इसके बाद बदमाश फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने श्रमिक को अस्पताल पहुंचाया, जहां से इलाज कराने के बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो गया।
मध्यप्रदेश के पन्ना निवासी दुर्गा प्रसाद साहू (35) ने बताया कि वह पांच माह पहले करनाल में काम की तलाश में आया था। कुछ काम नहीं मिलने पर उसने जीटी रोड पर बने ढाबों पर काम करना शुरू किया। घर में बहन की शादी है, इसलिए वह पांच माह का वेतन ढाबा संचालक से लेकर रविवार को घर जा रहा था। वह सिवाह बाईपास पहुंचकर दिल्ली जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। इस दौरान एक सफेद कार उसके पास आकर रुकी। उसमें सवार पांच युवकों में से दो युवक हाथ में डंडे लेकर कार से बाहर निकले और उसे पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने उसका थैला लूट लिया, जिसमें बहन की शादी के लिए जोड़े 42 हजार रुपये रखे थे। दुर्गा प्रसाद ने बताया कि उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अस्पताल जाकर अपना इलाज करा सके। इसी बीच एक राहगीर आया, जो उन्हें सामान्य अस्पताल लेकर गया। उसने उसका उपचार कराया और 1500 रुपये भी दिए। दुर्गा प्रसाद ने बताया कि उसके जहन में बदमाशों का डर इस कदर बैठ गया था कि उसने अपने साथ हुई वारदात की सूचना पुलिस को नहीं दी। न पुलिस कंट्रोल रूम न ही थाने ही गया। प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली की बस में बैठकर चला गया।