गर्भवती के परिजन तीन घंटे 108 पर करते रहे फोन, पहले आता रहा इंगेज, फिर रॉन्ग नंबर बता काटा फोन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाओं के साथ इमरजेंसी सेवाएं भी पटरी से उतर गईं हैं। हड़ताल के दौरान शनिवार देर शाम को शिमला मौलाना का एक परिवार गर्भवती महिला नीतू को प्रसव पीड़ा होने पर तीन घंटे एंबुलेंस के लिए 108 पर फोन करता रहा, पहले तो फोन इंगेज आता रहा और फिर फोन मिला तो कर्मचारी ने रॉन्ग नंबर बताकर काट दिया। परिजनों ने नंबर बदलकर फोन किया तो फिर से रॉन्ग नंबर बता दिया। इसके बाद परिजन दो सौ रुपये में ऑटो किराए पर कर सिविल अस्पताल पहुंचे। जहां पर गर्भवती ने बच्चे को जन्म दिया। इधर, स्वास्थ्य विभाग एनएचएम कर्मचारियों पर सख्ती के मूड में है, सीएमओ ने सोमवार को 11 बजे तक ज्वाइन न करने वाले एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्त करने की बात कही है।
मिली जानकारी के अनुसार शहर से सटे शिमला मौलाना निवासी नीतू को परिजन शनिवार देर रात को सिविल अस्पताल में लेकर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि नीतू गर्भवती थी और उसको शनिवार को प्रसव पीड़ा होने लगी। उन्होंने साढ़े पांच बजे एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर फोन किया और वे करीब अठ बजे तक 108 नंबर पर फोन करते रहे। उनको फोन लगातार इंगेज मिला। उन्होंने करीब साढ़े आठ बजे फिर फोन किया तो एक कर्मचारी ने फोन उठाया और एंबुलेंस की मदद मांगते ही रॉन्ग नंबर मिलाने की बात कहकर फोन काट दिया। ऑटो में दो सौ रुपये किराया देकर पहुंचे
नीतू के परिजनों ने बताया कि 108 नंबर पर तैनात कर्मचारी की ओर से रॉन्ग नंबर बताने पर परिवार के सदस्यों ने पास पड़ोस के लोगों से गाड़ी की मदद मांगी, लेकिन पड़ोस के लोग शादी समारोह या दूसरे कामों से बाहर मिले। परिजनों ने बताया कि वे टैंपो किराए पर लेकर आए। टैंपों चालक ने पांच किलोमीटर आने के लिए रात को दो सौ रुपये किराया मांगा। वे इसके बाद ऑटो में नीतू को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। जहां पर उसकी डिलीवरी कराई।
एंबुलेंस की यह है योजना
सरकार द्वारा डिलीवरी के लिए आने और इसके बाद जाने वाली महिलाओं के लिए फ्री एंबुलेंस सुविधा शुरू की है। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का मानना है कि कुछ लोग घर पर ही महिलाओं की डिलीवरी करा देते हैं। कई बार जच्चा व बच्चा दोनों की मौत होने का खतरा रहता है। जिसके चलते जच्चा-बच्चा मृत्युदर लगातार बढ़ रही थी।
स्वास्थ्यमंत्री का घेराव करने गए कर्मचारी, बंद रहा दवा काउंटर
एनएचएम कर्मचारी रविवार को अपने निर्धारित कार्यक्रम अनुसार अंबाला में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव पहुंचे। सिविल अस्पताल से कर्मचारी सुबह ही वाहनों में रवाना हुए। कर्मचारियों ने यहां पर सरकार विरोधी नारेबाजी की। रविवार को छुट्टी के चलते ओपीडी बंद रही। दमरजेंसी में आने वाले मरीज बाहर मेडिकल स्टोर से दवा लेकर गए।
232 को जारी किया नोटिस, आज ज्वाइन करने का आखिरी मौका
इधर स्वास्थ्य विभाग ने 232 कर्मचारियों को बर्खास्तगी का नोटिस जारी कर दिया है, स्वास्थ्य विभाग 11 बजे तक हड़ताल पर गए कर्मचारियों का इंतजार करेगा। इसके बाद कार्रवाई कर देगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि, अब सोमवार को एनएचएम कर्मचारियों के अगले कदम का इंतजार है। बताया जा रहा है कि एनएचएम कर्मचारी अपनी हड़ताल वापस नहीं लेते हैं तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एक बार उनके बीच में जाएंगे। वे अपनी हड़ताल वापस लेकर काम नहीं लौटते हैं तो उनको बर्खास्त करने के ऑर्डर मौके पर ही सौंप दिए जाएंगे।
वर्जन
एनएचएम कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं। एंबुलेंस का 108 नंबर ठीक से काम कर रहा है। किसी कर्मचारी ने ऐसी शरारत की है तो वे इसकी जांच कराएंगे। कर्मचारियों की इस तरह से अनदेखी सहन नहीं की जाएगी।
डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ, पानीपत।