पानीपत। रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर दो भाइयों के साथ 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। आरोपियों ने उनको ज्वाइनिंग लेटर और आईडी कार्ड तक दे दिया था। वह बाद में नकली मिला। तहसील कैंप थाना पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
देशराज कॉलोनी के करण कुमार ने थाना तहसील कैंप पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि उसकी मुलाकात यूपी के बरेली जिले के खेड़ा गांव के प्रदीप कुमार से उसके जीजा शिव कुमार के माध्यम से हुई थी। शिव कुमार विद्यानंद कॉलोनी पानीपत में रहते हैं। प्रदीप कुमार उससे हमेशा रेलवे के बारे में बात करता था और खुद को रेलवे में टीटीई के पद पर बताता था। लगभग छह महीने के बाद प्रदीप का फोन आया कि रेलवे में ऑफलाइन सरकारी जॉब निकली है। वह उसका काम करवा सकता है। उसके जीजा के कहने पर उसकी बातों में आ गया। उसने आशुतोष पंत नाम के व्यक्ति के माध्यम उसकी नौकरी लगवाने की बात कही।
प्रदीप ने फार्म के नाम पर एक लाख रुपये मांगे। उसने आशुतोष पंत का नंबर देकर बात करने को कहा। आशुतोष पंत के नंबर से उससे व उसके भाई का एडमिट कार्ड बनाकर व्हाट्सएप किया। उसके बाद उससे दो लाख रुपये और मांगे। उसको 16 मई 2024 को लिखित परीक्षा होने की बात कही। उसने बताया कि उसको केवल परीक्षा में बैठना है। बाकी सब तय कर लिया गया है। उसने बताया कि दोनों भाइयों से 10-10 लाख रुपये देने पर खुद परीक्षा में बैठने की बात कही। उसने 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसने दो दिन बाद ही कहा कि उनकी परीक्षा पास हो गई है। उसने एक सूची भी उनको भेजी।
प्रदीप का दो दिन बाद फिर फोन आया कि गोरखपुर मुख्यालय में पैसे मांगे गए हैं। उन्होंने दो लाख रुपये और मांगे और पैसे देने के बाद 20 दिन बाद ज्वाइनिंग लेटर भेज दिया। उसने उसकी ज्वाइनिंग रोक लेने की बात कही। डीआरएम का नाम लेकर 10 लाख रुपये की मांग की। प्रदीप के कहने पर उसकी पत्नी मंजू के खाते में 10 लाख रुपये जमा कराए। उसने उनको लगभग 40 लाख रुपये दे दिए। उसको रेलवे का आईडी कार्ड भेजा और दो जनवरी 2025 को ज्वाइनिंग करने की बात कही। उसको वहां जाने पर पता चला कि आईडी कार्ड फर्जी है और उसके साथ धोखा किया गया है।