वर्ष 2020 में कोरोना से 152 लोगों की मौत हुई थी, जबकि इस साल मई में ही 206 लोगों की जान गई। आंकड़ों की बात करें तो इस साल अब तक 348 लोगों की मौत हो चुकी है। अप्रैल में 117 लोगों की जान गई वहीं जून में कोरोना कमजोर हुआ है। 211 कोरोना संक्रमित मिले वहीं 15 लोगों ने इस माह अब तक जान गंवाई। इस वक्त एक्टिव रोगियों की संख्या 33 है। जबकि मृत्यु दर भी काबू में आ गई है।
जून में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट एक प्रतिशत से कम रहा है। मई में पॉजिटिविटी रेट 43 प्रतिशत पर पहुंच गया था। अब कोरोना की टेस्टिंग भी 30 प्रतिशत कम हो चुकी है। निजी अस्पतालों में अब महज आठ संक्रमित ही भर्ती हैं। सिविल अस्पताल, एनसी मेडिकल कॉलेज और कोविड अस्पताल में कोरोना का कोई रोगी दाखिल नहीं है। फिर भी अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है।
मई में हर दो मिनट में मिला एक रोगी
मई में हर दो मिनट में कोरोना संक्रमित एक नया रोगी मिला, जबकि पांच मिनट में एक रोगी ने कोरोना को मात दी। हर पांच घंटे में कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हुई। अप्रैल में हर 8 मिनट में एक नया रोगी मिला, जबकि 15 मिनट में एक रोगी ठीक हुआ। आंकड़ों के मुताबिक, मई माह में जहां 9162 संक्रमित मिले थे वहीं अप्रैल में रोगियों की संख्या 8694 थी।
जून में हर रोज औसतन आठ केस मिले
जून में अब तक हर रोज आठ की औसत से कोरोना के रोगी मिल रहे हैं। हर तीन घंटे में कोरोना संक्रमित एक रोगी मिला है, जबकि दो मिनट 55 सेकेंड में एक व्यक्ति कोरोना से ठीक हुआ है।
इस तरह से दूसरी लहर संकट हुआ कम
- माह केस मौत रिकवर
- मार्च 777 11 471
- अप्रैल 8694 117 4347
- मई 9162 206 4480
- जून 211 15 564
कोरोना के पीक के दौरान काफी मरीजों की मौत हो गई। कोरोना की दूसरी लहर ने हमें ये सिखाया कि हमें हमेशा हर आपदा के लिए तैयार रहना चाहिए। हमें जागरूक रहना चाहिए और संयम बरतना चाहिए। कोरोना के पीक के दौरान हजारों लोगों ने एक दूसरे के सहयोग से कोरोना को मात भी दी। इसलिए कोरोना के खिलाफ जागरूकता जरूरी है। -डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन पानीपत।