पानीपत। वार्ड नंबर-16 के अंतर्गत आने वाले विकास नगर में करीब पांच हजार मकान और करीब 35 हजार की आबादी है। आज से 30 साल पहले बसे विकास नगर में गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था तक नहीं है। यहां के लोगों को इसकी जगह पार्क तक बनाने के सपने दिखाए गए पर विकास नगर में यह ‘विकास’ न हो पाया। कॉलोनी का सारा गंदा पानी रेलवे और एनएफएल की जमीन पर जमा होता है। नाराज लोगों का कहना है कि अब यहां करीब डेढ़ किलोमीटर तक गंदे पानी की झील-सी बन चुकी है। ये हालात कई सालों से है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश होते ही सड़क के दोनों तरफ पानी जमा हो जाता है। गंदे पानी में मच्छर पनपने से बीमारियां फैलने का डर है। एरिया बड़ा होने के कारण नेता यहां वोट तो मांगने सबसे पहले आते हैं लेकिन पानी निकासी की व्यवस्था करवाने को कोई पहल नहीं करता। हालांकि निगम गंदे पानी की निकासी के लिए औपचारिकता पूरी करते हुए एक नाले का निर्माण करवाने की तैैयारी कर रहा है। इसके लिए खुदाई भी करवाई गई है, लेकिन इसका काम शुरू होते ही बंद भी हो चुका है।
विकास नगर के साथ लगते अनाज मंडी और सब्जी मंडी एरिया में भी जलभराव का संकट बरकरार है। यहां भी बारिश होते ही बहुत ज्यादा पानी जमा हो जाता है, जो हफ्तों तक भरा रहता है। निजात पाने के लिए मार्केटिंग बोर्ड की ओर से यहां नाले का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया है। वहीं, शहर में वीरवार को हुई सिर्फ 15 मिनट की बारिश का असर शुक्रवार शाम तक भी देखा गया। कई एरिया में अभी तक पानी की निकासी न हो पाने से शहरवासियों में रोष बना हुआ है।
सड़क के दोनों ओर भरा पानी
इस समय बरसाती पानी और घरों का गंदा पानी जमा होने से यहां भयंकर गदंगी का माहौल बन चुका है। सड़क के दोनों तरफ गंदा पानी भरा है। एक ओर तो पूरी झील बन चुकी है। लोगों को इससे निजात चाहिए। -सुमित
मच्छर, मक्खी से फैल रही बीमारियां
गंदे पानी में कीट, मच्छर, मक्खियों के पनपने से कॉलोनी में कई बार बीमारियां फैल चुकी हैं। अब फिर से बरसाती सीजन में यहां बुरा हाल होने वाला है। लोगों में बीमारियों को लेकर डर बना हुआ है। -नीटू
पार्क बनाने का दिखाया था सपना
बताया जा रहा था कि गंदे पानी की इस झील में पार्क बनाया जाएगा। इस आश्वासन पर जनता से वोट तक ले लिए, लेकिन न यहां पार्क बना और न ही गंदे पानी की निकासी हो पाई। -राजबीर
कहने का नाम ही विकास नगर है
कहने का ही नाम विकास नगर रखा गया है, लेकिन यहां विकास तो है ही नहीं। चारों तरफ गंदा और बरसाती पानी भरा रहता है। पानी की निकासी का कोई प्लान तक नहीं है और आबादी बढ़ती जा रही है। -संजीव
यहां के हालात भगवान भरोसे ही हैं
यहां के हालात अब भगवान भरोसे हैं। 30 साल में जब आज तक कोई सुधार नहीं हुआ तो अब कैसे होगा। गंदे पानी की निकासी की समस्या के साथ कूड़ा उठान की भी दिक्कत है। -विक्की
सीवरेज के नाम पर डाल रहे छोटे पाइप
यहां सीवरेज के नाम पर छोटे पाइप डाले जा रहे हैं, वहीं गंदे पानी की निकासी के लिए निर्माणाधीन नाला बीच में ही रुका है। इसमें भी छोटे पाइप हैं, जिससे इतनी बड़ी आबादी के पानी को कंट्रोल करना मुश्किल है।-रामचंद्र
मैं खुद करूंगा दौरा और जल्द होगा समाधान
समस्या वाकई गंभीर है। इसका मैं खुद मौके पर जाकर दौरा करूंगा और पूरे मामले की तहकीकात करूंगा। लोगों की समस्या का जल्द से जल्द निवारण करवाया जाएगा। इसके लिए निगम की तरफ से जो भी संभव प्रयास होंगे करवाए जाएंगे।
- दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।