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नेशनल गेम्स में दांवपेच लगाएगी सुताना की नैना
रोजाना सात घंटे कर रही सात घंटे प्रैक्टिस
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सुताना गांव की रहने वाली नैना नेशनल गेम्स में कुश्ती में गोल्ड मेडल जीतने के लिए रोजाना सात घंटे प्रैक्टिस कर रही है। गत दिनों हुई राज्यस्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में नैना ने गोल्ड मेडल जीतकर जिले व गांव का नाम रोशन किया था।
नैना ने बताया कि वह जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में दो बार मेडल जीत चुकी है। इसके अलावा वह कोरिया वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन चैंपियनशिप जूनियर में भाग ले चुकी है। इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में वह लगातार तीन साल चैंपियन रही थी। पानीपत में सुविधाओं के अभाव होने के कारण वह रोहतक में कोचिंग ले रही है। इस पर हर माह लगभग 20 हजार रुपये खर्च आता है। नैना के पिता रामकरण ने बताया कि वह एक एकड़ जमीन पर खेती करता है। इसमें घर का खर्च भी मुश्किल से चलता है। नैना को कोचिंग दिलाने के लिए वह कुछ पैसा कर्ज पर लेता है। वहीं कुछ पैसा नैना अपने अच्छे खेल के दम पर टूर्नामेंट जीतकर कमा लेती है। सरकार द्वारा खिलाड़ियों के लिए मेडल आने से पहले कोई सुविधा नहीं दी जाती। फिर भी उन्हें उम्मीद है कि उनके बेटी 27 तारीख को चित्तौड़गढ़ में शुरू होने वाले अंडर 23 नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर राज्य का नाम रोशन करेगी। वहीं उन्हें उम्मीद है कि नैना एक दिन ओलंपिक में भी परचम लहराएगी।
नैना की उपलब्धियां
2014 से 2016 तक जूनियर चैंपियन 2014 से 2016 तक इंटरयूनिवर्सिटी गोल्ड मेडलिस्ट 2015,16 व 17 में ऑल इंडिया जूनियर रेसलिंग प्रतियोगिता में दो सिल्वर एक ब्रोंज मेडल जीतकर उन्होंने अपने नाम किया है। गत दिनों हुई राज्यस्तरीय रेसलिंग प्रतियोगिता में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। नेशनल में गोल्ड जीतने के लिए रोजाना सात घंटे प्रैक्टिस कर रही है।