फौजी कर्मपाल की हत्या में चार को 20-20 साल की सजा, 3.5 लाख जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। एडिशनल सेशन जज पीके लाल की कोर्ट ने मांडी गांव निवासी फौजी कर्मपाल की हत्या व लूट में चार दोषियों को 20-20 साल की कैद व साढ़े तीन लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। फौजी दिवाली की छुट्टी आया हुआ था और अनाज मंडी से ट्रैक्टर-ट्राली लेकर वापस अपने गांव मांडी जा रहा था। लूटने के लिए उनकी हत्या कर दी गई थी। एडीजे की कोर्ट ने कर्मपाल हत्याकांड के आरोपियों को वीरवार को दोषी करार दिया था।
पुलिस के अनुसार थाना इसराना के अंतर्गत पलड़ी-मांडी गांव के बीच में मांडी गांव निवासी कर्मपाल की कुछ बदमाशों ने लूट की नीयत से हत्या कर दी थी। परिवार के लोगों को कर्मपाल सड़क किनारे खेतों में खून में लथपथ मिली था। परिजनों ने थाना इसराना पुलिस को बताया था कि गांव मंडी निवासी कर्मपाल भारतीय थल सेना की 20 जाट रेजीमेंट में सैनिक था। कर्मपाल 2013 में दीवाली की छुट्टी आया था। वह दो दिसंबर को अपने भाई कृष्ण के साथ धान की फसल बेचने के लिए पानीपत अनाज मंडी गया था। वह शाम छह बजे के करीब ट्रैक्टर-ट्राली लेकर मंडी से अपने गांव मांडी जाने के लिए रवाना हुआ था। जबकि कृष्ण मंडी में ही रह गया। कृष्ण घर देर शाम को घर पहुंचा तो पता चला कि कर्मपाल घर पर नहीं पहुंचा। परिजनों ने कर्मपाल की तलाश शुरू की। उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था। परिजनों ने कर्मपाल की ट्रैक्टर-ट्राली के साथ लापता होने की जानकारी थाना इसराना पुलिस को दी। पुलिस ने भी फौजी कर्मपाल की तलाश शुरू की। परिजनों को तीन दिसंबर की सुबह कर्मपाल का शव पलड़ी व मांडी गांव के बीच मिला। बदमाश कर्मपाल की हत्या कर पांच हजार रुपये की नकदी व ट्रैक्टर-ट्राली लूट ले गए थे। इसराना थाना पुलिस ने फौजी कर्मपाल हत्याकांड में मोमिन, मोहम्मद आरिफ, लीलू और लियाकत निवासी सरधना जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया था। एडीशनल सेशन जज पीके लाल की कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में दोषियों की सजा पर फैसला लिया। कोर्ट ने चारों दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास व साढे़ तीन लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।